यह बीसवीं शताब्दी के एक सुविख्यात अभिलेखशास्त्री , डी. सी. सरकार का वक्तव्य है : भारतीयों के जीवन , संस्कृति और गतिविधियों का ऐसा कोई पक्ष नहीं है जिसका प्रतिबिम्ब अभिलेखों में नही है : चर्चा कीजिए ।

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