साँचे ढाला सकल वपु है दिव्य सौन्दर्यशाली। सत्पुष्पों-सी सुरभि उसकी प्राण-सम्पोषिका है। दोनों कन्धे वृषभ-वर-से हैं बड़े ही सजीले।। लम्बी बांहें कलभ-कर-सी शक्ति की पेटिका हैं। प्रस्तुत पद्यांश का काव्य सौंदर्य बताइए तथा साथ ही का प्रसंग बताइए -

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