सेफर इन्टरनेट दिवस-2018(Safer Internet Day-2018)

सेफर इन्टरनेट दिवस-2018(Safer Internet Day-2018)

थीम:-Create, connect and Share Respect, A Better Internet Starts with you(रचे, जुड़े और सम्मान से साझा करे, बेहतर इन्टरनेट की शुरुवात आप से है )

  • यह थीम – अच्छी, सुरक्षित और स्वास्थ्य और रचनात्मक सामग्री शेयर करने को प्रेरित करती है l

मुख्य बाते :-

  • भारत सहित 140 देश एवं बड़ी साइबर और साफ्टवेयर कम्पनी के साथ यूनिसेफ भी भागीदार है l
  • स्कूल बच्चो को प्रोत्साहित करने के लिए कई कार्यशालाओ का आयोजन किया जायेगा l
  • 2004 में यूरोपियन यूनियन सेफ बोर्ड ने सेफर इन्टरनेट कमेटी की शुरुवात की तथा 2005 ने पूर्णता सक्रिय हो गयी l इस समिति में भारत सहित 130 देश जुड़े है l
  • 2009 में सेफर इन्टरनेट डे कमेटी का गठन किया जिसका उद्देश्य इन्टरनेट का उपयोग करने वालो के बीच इन्टरनेट को लेकर सामान सोच और नीति लागू करना था l
  • सेफर इन्टरनेट डे आयोजक में काउंसिल ऑफ यूरोप, यूनिसेफ, इंटरपोल, माइक्रोसॉफ्ट, गूगल, फेसबुक, ट्वीटर जैसी कम्पनियाँ/संगठन शामिल है l

भारत में-

  • लगभग सभी राज्यों में सेफर इन्टरनेट डे कमेटी है, जो राष्ट्रीय सेफर इन्टरनेट डे कमेटी से जुडी हैं, साथ ही सरकारी और गैर सरकारी संस्थाए भी शामिल है l

इन्टरनेट के बारे में :-

  • 29 अक्टूबर 1969 में पहली बार – L, O इलेक्ट्रानिकली भेजे गए, आरपानेट-आज का इन्टरनेट(अमेरिका के रक्षा विभाग से संचालित) कहा जाता था l
  • 1972 में पहला ईमेल बनाया गया l
  • 1974 में आरपानेट को व्यवसायिक किया गया l
  • 1983 में डोमेन नेम सिस्टम की शुरुवात एवं .(डाट) लगाना अनिवार्य हो गया जो पहले नंबर पर चलती थी l
  • 1989 में ‘टिन बर्नर्स ली’ ने वर्ल्ड वाइड वेब बनाया तथा 1998 में गूगल की शुरुवात हुयी l
  • भारत में 80 के दशक में भारत सरकार एवं UNDP के सहयोग से बीएसएनएल के प्लेटफार्म पर इन्टरनेट की शुरुवात हुयी l
  • इन्टरनेट पर किसी सरकार का / देश का / संगठन का स्वामित्व नहीं है न ही कंट्रोल है, इस पर कुछ एजेंसी के दिशा निर्देश से नियंत्रण होता है l

भारत में सुरक्षा कानून :-

  • 2000 में भारतीय सूचना प्रोदोगिकी कानून बनाया गया जिसके लिए भारतीय दंड सहिंता-1860, भारतीय साक्ष्य अधिनियम-1872, बैंकिंग साक्ष्य कानून-1891 तथा रिज़र्व बैंक अधिनियम-1934 में संशोधन किया गया l
  • 2008 में भारतीय सूचना प्रोदोगिकी कानून में संसोधन किया गया l
साथ ही IPC, दवाये बेचने (ऑनलाइन)- NDPS एक्ट तथा हथियारों से जुड़े मामले – आर्म्स एक्ट के अंतर्गत सुने जाते है l
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