सतत विकास लक्ष्य-2030
- आने वाली जनरेशन की अपनी जरुरतो को पूरा करने की क्षमता को हानि पहुचाये बिना अपनी जरुरतो को पूरा करना ही सतत विकास हैं कहीं ऐसा न हो की हमें अपनी जरुरत पूरा करने के लिए सिर्फ ईट और कंक्रीट ही बचे l
- 17वीं सदी के आखिर में इंजन का अविष्कार ने दुनिया में विकास के इस दौर की सुरुआत की l
- 18वीं सदी में औद्योगिक क्रांति का विस्तार के बाद संसाधनों पर कब्जे की दौड़ शुरू हुयी l
- 20 वीं सदी में उद्योग धंधो के विस्तार को ही गरीबी दूर करने का एकमात्र रास्ता मान लिया गया लेकिन इसका प्रभाव यह हुआ हमारे आस पास समुन्द्रर, हवा, जलवायु, जंगल, पर्यावरण सभी अपना वास्तविक स्वरुप खोने लगी जिसकी कीमत अब सभी को समझ आया, सायद अब वक्त रहते हम इसकी भरपाई कर सकें? लेकिन इसके लिए काफी काम करना पड़ेगा
- कुछ उदहारण – नार्वे के समुंद्र तट पर बह कर आई ब्लू व्हेल जिसको हम सभी उस समुदाय के आत्महत्या माना गया परन्तु जब उसका पोस्टपार्टम में उसके पेट से प्लास्टिक निकली यानि यह मानव द्वारा की गयी हत्या हैं समुंद्र के तापमान में लगातार वृद्धि और आक्सीजन की कमी हो रही हैं l
- दुनिया में सबसे ज्यादा प्रदुषण करने वाले देशो की सूची (यूरोपियन यूनियन के अध्यन के अनुसार )
देश कुल CO2 उत्सर्जनप्रति व्यक्ति उत्सर्जन
चीन 29%7.7
अमेरिका 14.5%16.1
यूरोपियन यूनियन 9.62%7.2
भारत 6.81%1.9
कनाडा 1.6%19
सऊदी अरब 1.4%16
नोट :- उपरोक्त प्रति व्यक्ति उत्सर्जन देखे तो सबसे ज्यादा विकसित देशो ने प्रदुषण किया है और इसकी कम करने की ज़िम्मेदारी कही न कही विकासशील देश से ज्यादा विकसित देशो की हैं l
सतत विकास के 17 लक्ष्य संयुक्त रास्ट्र द्वारा :-
- गरीबी उन्मूलन
- भूख उन्मूलन
- बेहतर स्वास्थ्य
- गुणवत्ता पूर्ण शिक्षा
- लैंगिक समानता
- साफ पेय जल और सफाई
- उर्जा तक सबकी पहुच
- समावेशी आर्थिक विकास
- उद्योग और बुनियादी संरचना बेहतरी
- असमानता को कम करना
- शहरों को समावेशी बनाना
- समावेशी उपभोग और उत्पादन
- क्लाइमेट एक्शन
- समुद्री पानी का बेहतर इस्तेमाल
- जैव विविधता और जंगलों की सुरक्षा
- शांति और न्याय
- लक्ष्य पाने में साझेदारी
विकास के कुछ नकारात्मक असर :-
- पानी, कार्बन, ऊर्जा की खपत
- पेड़ो को काटना पड़ा
- बांध बनाया गया जिसके लिए नदियों का पानी रोका गया
- थर्मल पॉवर स्टेशन पानी का प्रदुषण एवं खपत उच्च हैं
- शहरो पर आबादी दबाव बढ़ा इत्यादि l