भारत-अश्गाबात समझौता (मध्य-एशिया-फारस की खाड़ी) में शामिल होने के लिए

भारत-अश्गाबात समझौता (मध्य-एशिया-फारस की खाड़ी) में शामिल होने के लिए

  • अश्गाबात समझौता मध्य एशिया और  फारस की खाड़ी के बीच कारिडोर है |
  • अश्गाबात समझौता अन्तर्रष्ट्रीय परिवहन और पारगमन गलियारा है इसका नाम तुर्कमेनिस्तान की राजधानी अश्गाबात के नाम पर है |
  • ईरान, ओमान, तुर्कमेनिस्तान और उज्बेकिस्तान संस्थापक राष्ट्र है |
  • 25 अप्रैल 2011 में समझौते की शुरुवात हुयी
  • कजाकिस्तान और अब भारत भी इसके सदस्य बने है |
  • पाकिस्तान ने भी इस समझौते में शामिल होने के लिए आवेदन किया था परन्तु उसे अभी तक मान्यता नहीं मिली है |
  • इसके दो चरण हैं –
  1. उज्बेकिस्तान , तुर्कमेनिस्तान और ईरान को रेल लाइन से जोड़ना
  2. शिपिंग मार्ग के जरिये ईरान के अब्बास और चाबहार बंदरगाह तक माल पहुचाने का गलियारा विकसित करना |
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