कृषि एवं किसान कल्याण से सम्बन्धित बजट
- कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय
कृषि में कुछ प्रमुख सुधार बजट (2018-2019)
- कृषि जिंसो पर MSP उनकी लागत का डेढ़ गुना किया गया |
- लम्बी अवधि (2022-23) में आयात – निर्यात नीति के लिए संस्थागत तंत्र (Institutional Mechanism) भी बनाया जाना प्रस्तावित हैं |
- किसानो को उनकी उपज का सही दाम दिलवाने के उददेश्य से एग्री मार्किट डेवलपमेंट फण्ड (Agri –Market Development fund)-2000Cr की गयी, जो कृषि विपणन में खुदरा बाजार (Retail Market) की अहमियत को दर्शाता हैं, इन बाजारों को ‘GRAM’-Gramin Retail Agriculture Market) का नाम दिया गया हैं , जिसमे 22000 ग्रामीण हाट एवं 585 APMC मंडियों की आधारभूत संरचना का विकास होगा |
- ‘Operation ग्रीन’- किसानो को उपज का सही मूल्य तथा उपभोक्तावो को वाजिब दामो में उपलब्ध कराने हेतु |
- पशुपालन एवं मत्स्यकी के छेत्र में कार्य करने वाले किसानो को भी किसान क्रेडिट द्वारा लोन (ऋण) उपलब्ध कराया जायेगा |
- ‘Model Land License Cultivator Act’- बटाई दार तथा खेती किराये पर लेकर कृषि करने वाले छोटे किसानो को संस्थागत ऋण की सुविधा नीति आयोग, राज्य सरकार के साथ मिलकर कार्य करेगा |
- आर्गेनिक फार्मिंग के सफल कार्यन्वयन के लिए क्लस्टर बेस्ड फार्मिंग की जाएगी और बाजारों से जोड़ा जायेगा |
- बागबानी फसलो के लिए क्लस्टर बेस्ड फार्मिंग को बढ़ावा के साथ खाद्य प्रसंस्करण एवं वारिज्य मंत्रालय के साथ भी समन्वय स्थापित किया जायेगा |
दिल्ली प्रदुषण के मद्देनजर – हरियाण, पंजाब, उत्तर प्रदेश एवं दिल्ली सरकार को फसल अवशेष के स्थानीय प्रबंधन हेतु मदद की जाएगी |