जल संसाधनों पर डेटा के एकल खिड़की स्रोत के रूप में एनडब्ल्यूआईसी की स्थापना
जल संसाधन, नदी विकास एवं गंगा संरक्षण मंत्रालय
- कैबिनेट से मंजूरी मिलने के बाद राष्ट्रीय जल सूचना विज्ञान केंद्र (एनडब्ल्यूआईसी) को जल संसाधन, नदी विकास एवं गंगा संरक्षण मंत्रालय द्वारा नई दिल्ली में सृजित किया गया है।
- एनडब्ल्यूआईसी राष्ट्र व्यापी जल संसाधन डेटा का एक संग्राहक होगा और यह जल संसाधन, नदी विकास एवं गंगा संरक्षण मंत्रालय के एक अधीनस्थ कार्यालय के रूप में काम करेगा।
- इस केन्द्र का प्रमुख संयुक्त सचिव स्तर का एक अधिकारी होगा।
- जल संसाधनों का प्रबंधन एक अत्यंत जटिल एवं कठिन कार्य है जिसमें बहु-विषयक ज्ञान क्षेत्रों की विशेषज्ञता की जरूरत पड़ती है और यह ऐतिहासिक एवं वास्तविक समय वाले विश्वसनीय डेटा एवं सूचनाओं पर निर्भर रहता है।
- इसके लिए पहली आवश्यकता यह है कि एक व्यापक ‘जल संसाधन सूचना प्रणाली (डब्ल्यूआरआईएस)’ को विकसित कर उसका समुचित रख-रखाव एवं नियमित अद्यतन सार्वजनिक तौर पर किया जाए, ताकि जल संसाधनों के कारगर एकीकृत प्रबंधन के लिए जागरूकता बढ़ाने के साथ-साथ सभी संबंधित हितधारकों को इसमें शामिल किया जा सके।
- यह वैज्ञानिक आकलन, निगरानी, प्रतिरूपण एवं निर्णय समर्थन प्रणाली (डीएसएस) और एकीकृत जल संसाधन प्रबंधन के लिए भी पहली आवश्यकता है। इसे ध्यान में रखते हुए एनडब्ल्यूआईसी द्वारा जल संसाधनों एवं संबंधित विषयों (थीम) पर अद्यतन डेटा का ‘एकल खिड़की’ स्रोत मुहैया कराए जाने की आशा है। इसके साथ ही एनडब्ल्यूआईसी द्वारा इसके प्रबंधन एवं सतत विकास के लिए सभी हितधारकों को मूल्य वर्द्धित उत्पाद एवं सेवाएं मुहैया कराने जाने की उम्मीद है।
- ‘जल संसाधन सूचना प्रणाली (डब्ल्यूआरआईएस)’ केन्द्र जल एवं जल विज्ञान संबंधी चरम या भीषण स्थिति से निपटने हेतु आपातकालीन उपाय करने वाले अन्य केन्द्रीय एवं राज्य संगठनों को तकनीकी सहायता प्रदान करने के लिए राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर के प्रमुख अनुसंधान संस्थानों के साथ सहयोग करेगा।
‘जल संसाधन सूचना प्रणाली (डब्ल्यूआरआईएस)’
- देश में डाटा बेस बनाना और वेब आधारित जल संसाधन सूचना प्रणाली का कार्यान्वयन, ‘जल संसाधन सूचना प्रणाली (डब्ल्यूआरआईएस)’ परियोजना जिसका संक्षिप्त नाम इंडिया-डब्ल्यूआरआईएस 'वेब-जीआईएस' केन्द्रीय जल आयोग (सीडब्ल्यूसी), जल संसाधन मंत्रालय, भारत सरकार तथा भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो), अंतरिक्ष विभाग, भारत सरकार का एक संयुक्त उद्यम है जो दो विभागों के बीच चार वर्षों जनवरी, 2009 से दिसम्बर, 2012 और जिसे दिसम्बर, 2015 तक बढ़ा दिया गया था, जो 3 दिसम्बर, 2008 को हस्ताक्षरित समझौता-ज्ञापन (एमओयू) के अनुसार है।
- इंडिया डब्ल्यूआरआईएस 'वेब-जीआईएस' का लक्ष्य समेकित जल संसाधन प्रबंधन (आईडब्ल्यूआरएम) के आकलन निगरानी, आयोजना और विकास हेतु डाटा की खोज, पहुंच, संकल्पना, समझ और विश्लेषण के एक मानकीकृत राष्ट्रीय जीआईएस फ्रेमवर्क (डब्ल्यूजीएस-84 डेटुम एंड एलसीसी प्रोजेक्सन) उपकरण में संगत प्राकृतिक संसाधनों के साथ भारत के जल संसाधनों का एक व्यापक, प्रामाणिक और सतत डाटा और सूचना देने हेतु एक 'सिंगल विंडो' समाधान है।
- पोर्टल में डाटा संग्रहण, सृजन और प्रस्तुतीकरण एक निरन्तर प्रक्रिया है। इंडिया-डब्ल्यूआरआईएस 'वेब-जीआईएस' के विशेष डाटा को और अद्यतन बनाने तथा उसे प्रस्तुत करने का काम इंडिया-डब्ल्यूआरआईएस प्रोजेक्ट टीम द्वारा किया जा रहा है। ये डाटा संबंधित राज्य सरकार के विभागों, सीडब्ल्यूसी कार्यालयों तथा भारत सरकार के विभागों से एकत्र किए जाते हैं और इस पोर्टल पर संगठित किए जाते हैं।
- डाटा की पद्धति और उसकी उपलब्धता के आधार पर वर्तमान पोर्टल में 12 मुख्य सूचना प्रणालियां, 35 उप-सूचना प्रणालियां जिनमें 95 दैशिक स्तर तथा जल संसाधन परिसंपत्तियां का बृहत विशिष्ट डाटा और 5-100 वर्षों का कुछ समय का डाटा होता है।
- राष्ट्रीय मानचित्र नीति (2005) और सीडब्ल्यूसी डाटा प्रसार नीति के आधार पर पोर्टल के दो वर्जन हैं। पब्लिक डोमेन वर्जन दोनों नीति दिशानिर्देशों के अनुरूप है।