संयुक्त राष्ट्र अंतर्राष्ट्रीय बाल आपातकालीन कोष (यूनीसेफ)

संयुक्त राष्ट्र अंतर्राष्ट्रीय बाल आपातकालीन कोष (यूनीसेफ)

  • यूनाइटेड नेशन जनरल असेंबली द्वारा 11 दिसम्बर 1946 को द्वितीय विश्व युद्ध में छति पहुँचे या बर्बाद किये गए देशो के बच्चो को भोजन एवं स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से किया गया |
  • 1953 में इसे संयुक्त राष्ट्र प्रणाली का स्थायी हिस्सा बना दिया गया साथ ही "अंतर्राष्ट्रीय" और "आपातकाल" शब्द को संगठन के नाम से हटा दिया गया, तथा संयुक्त राष्ट्र बाल निधि बना दिया गया, एवं  मूल नाम "यूनिसेफ" को ही बनाए रखा गया।
  • हेडक्वार्टर :- न्यूयार्क
  • कार्य क्षेत्र- विश्व के लगभग 190 देशो में
  • UNICEF fights for the rights of every child, every day, across the globe (यूनिसेफ दुनिया भर में हर बच्चे के अधिकारों के लिए कोशिस करता है)
  • यूनिसेफ उन सभी नीतियों और सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए काम करता है जो सभी बच्चों की रक्षा करते हैं। यूनिसेफ का उद्देश्य बच्चों को बढ़ने के लिए दुनिया को एक सुरक्षित और समावेशी जगह बनाना है।

मुख्य क्षेत्र जिसमे बच्चो के हितो के बारे में ध्यान रखा जाता है-

1.  Adolescent Development (किशोर विकास)

2.  Child Protection (बाल संरक्षण)

3.  Children with Disabilities (विकलांग बच्चों के साथ)

4.  Communication for Development (विकास के लिए संचार)

5.  Environment and Climate Change (पर्यावरण और जलवायु परिवर्तन)

6.  Gender Equality (लैंगिक समानता)

7.  Social Inclusion (सामाजिक समावेश)

इसके अनुसार भारत में 51% बच्चे कुपोषण के शिकार हैं |

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