अराकू घाटी-जनजातीय समुदायों द्वारा विकसित कॉफी

अराकू घाटी-जनजातीय समुदायों द्वारा विकसित कॉफी

  • कॉफी बोर्ड ने आंध्र प्रदेश के विशाखापत्‍तनम जिले में स्थित अराकू घाटी के जनजातीय समुदायों द्वारा विकसित की जाने वाली कॉफी की विशिष्‍ट पहचान के संरक्षण के लिए भौगोलिक संकेतों के तहत अराकू कॉफी के पंजीकरण के लिए आवेदन किया है।
  • अराकू घाटी क्षेत्र में उत्‍पादित होने वाली अराबिका कॉफी एक उत्‍तम गुणवत्‍ता वाली विशेष कॉफी के रूप में अंतर्राष्‍ट्रीय स्‍तर पर लोकप्रिय हो गई है। कॉफी बोर्ड ने देश में उत्‍पादित होने वाली विभिन्‍न कॉफी किस्‍मों के लिए उनकी भौगेलिक विशिष्‍टता के आधार पर विशेष लोगो विकसित किए हैं।
  • कॉफी बोर्ड हर साल आयोजित की जाने वाली ‘फ्लेवर ऑफ इंडिया-द फाइन कप अवार्ड’ प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए कॉफी उत्‍पादकों को प्रोत्‍साहित करता है। इस प्रतियोगिता का आयोजन कॉफी बोर्ड द्वारा किया जाता है।
  • अरकू घाटी भारत में आंध्रप्रदेश राज्य के विशाखापत्तनम जिले में एक पर्वतीय स्थान है। यह घाटी पूर्वी पर स्थित है और कई जनजातियों का निवास स्थान रहा है।
  • अरकू घाटी दक्षिण भारत में सबसे कम प्रदूषित क्षेत्रों में से एक है तथा वाणिज्यिक रूप से कम उपयोग किया हुआ पर्यटक स्थल है।
  • अरकू में उत्पादित उत्तम किस्म का कार्बनिक ब्रांड कॉफी अरकू एमराल्ड की बिक्री वैश्विक स्तर पर की जाती है। अरकू जनजातिय क्षेत्र के हजारों आदिवासी कॉफी उगाने वाले मजदूर अथवा छोटे किसान हैं।
  • वाणिज्‍य एवं उद्योग मंत्रालय के अंतर्गत |
Posted on by