एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालय (EMRS) योजना

एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालय (EMRS) योजना

  • आदिवासी मामलों के मंत्रालय ने अनुसूचित जनजाति (ST) वर्ग के छात्रों के लिये एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय योजना शुरू की है जो दूरदराज़ के क्षेत्रों में रहने वाले छात्रों को मध्यम और उच्च स्तरीय शिक्षा प्रदान करती है।
  • एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालय योजना वर्ष 1998 में शुरू की गई थी और इस तरह के प्रथम स्‍कूल का शुभारंभ वर्ष 2000 में महाराष्‍ट्र में हुआ था।
  • वर्ष 2010 के मौजूदा EMRS दिशा-निर्देशों के मुताबिक, ऐसे प्रत्‍येक क्षेत्र में एकीकृत जनजातीय विकास एजेंसी (ITDA)/एकीकृत जनजातीय विकास परियोजना (ITDP) के तहत कम-से-कम एक EMR स्‍कूल खोला जाएगा, जहाँ अनुसूचित जनजाति के लोगों की आबादी 50 प्रतिशत है।
  • राज्यों/संघ शासित प्रदेशों में 480 छात्रों की क्षमता वाले EMRS की स्थापना भारतीय संविधान के अनुच्छेद-275 (1) के अंतर्गत अनुदान द्वारा विशेष क्षेत्र कार्यक्रम (SAP) के तहत की जा रही है।
  • इसके अंतर्गत न केवल उन्हें उच्च एवं पेशेवर शैक्षिक पाठ्यक्रमों के माध्यम से सार्वजनिक व निजी क्षेत्रों में रोज़गार हेतु सक्षम बनाने पर बल दिया जा रहा है, बल्कि गैर-अनुसूचित जनजाति की आबादी के समान शिक्षा के सर्वोत्तम अवसरों तक उनकी पहुँच सुनिश्चित करने के भी प्रयास किये जा रहे हैं।
  • प्रत्येक राज्य सरकार/संघ-राज्य क्षेत्र प्रशासन पूरी तरह से EMRS के प्रबंधन और प्रभावी कार्यप्रणाली के लिये उत्तरदायी है और कर्मचारियों की नियुक्ति, कार्मिक संबंधी मामलों और स्कूलों के दिन-प्रतिदिन  के कामकाज के लिये राज्य सरकार/संघ-राज्य क्षेत्र प्रशासन द्वारा चुनी गई सोसायटी उत्तरदायी होगी।
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