प्रोफेसर स्टीफन हॉकिंग का निधन
- हाल ही में दुनिया के जाने-माने वैज्ञानिक स्टीफन हाकिंग्स का निधन हो गया है। उन्होंने बिग बैंग और ब्लैक होल जैसी महत्त्वपूर्ण थ्योरी दी थी।
- 1988 में Brief History of Time प्रसिद्ध पुस्तक को लिखा 1963 में गंभीर बीमारी(मोटर न्यूरॉन बीमारी) का पता लगा |
- 2014 द theory ऑफ एवरीथिंग नाम की फिल्म का निर्माण , इनकी जीवनी पर किया गया
- ब्लैक होल का आकार केवल बढ़ सकता है घट नहीं सकता साथ ही उन्होंने मिनी ब्लैक होल का भी सिद्धांत दिया
क्वांटम थ्योरी :-
- अंतरिक्ष में कण लगातार उत्पन्न हो रहे हैं,कणों का एक दूसरे से टकराव रहा है, इनमें एक कण एवं एक प्रतिकण है, जिसमें एक में पाजटीव जाए और दूसरे में नेगेटिव ऊर्जा है |
- इन्हें वर्चुअल पार्टिकल कहा जाता है क्योंकि इसमें कोई भी नई ऊर्जा जनित नहीं हो रही है यह कण अगर ब्लैक होल के पास हो तो यह वास्तविक कण हो सकते हैं |
- इसमें से कण ब्लैक होल में समा जाएगा एवं दूसरा कण अंतरिक्ष में बाहर निकलेगा और उर्जा उत्पन्न करेगा इसी ऊर्जा को हवा हॉकिंग ऊर्जा कहते हैं |
- Life the universe aliens मैं एलियन से मुलाकात के बारे में बताया गया एवं 2013 में माय ब्रीफ हिस्ट्री पुस्तक लिखी थी |
मोटर न्यूरॉन बीमारी -
- यह बीमारी हमेशा जानलेवा होती है, साथ ही मनुष्य के जीवित रहने की अवधि को भी कम कर देती है। हालाँकि, कुछ अपवाद भी होते है, जैसे प्रसिद्ध वैज्ञानिक स्टीफन हॉकिंग के मामले में हुआ।
लक्षण :-
- इस बीमारी के लक्षणों के बारे में अचानक से कुछ स्पष्ट नहीं होता है बल्कि धीरे-धीरे ये सामने आते हैं। आमतौर पर यह बीमारी 60 से 70 वर्ष की आयु वर्ग में होती है लेकिन कुछ विशेष स्थितियों में यह किसी भी उम्र के व्यक्ति को हो सकती है।
- एड़ी या पैर में कमज़ोरी महसूस होना। लड़खड़ाहट पैदा होती है।
- व्यक्ति को बोलने और खाना निगलने में परेशानी होती है।
- हाथ की पकड़ कमज़़ोर हो जाती है, माँसपेशियों में खिंचाव आने की संभावना बढ़ जाती है, वज़न कम होने लगता है, आदि।
- इसके विषय में सबसे महत्त्वपूर्ण बात यह है कि मोटर न्यूरॉन बीमारी या उससे जुड़ी परेशानी फ्रंटोटेम्परल डिमेंशिया से पीड़ित व्यक्तियों के समीप रहने वाले लोगों को भी यह बीमारी होने की संभावना रहती है। हालाँकि ऐसे मामले बहुत कम होते है।