सूर्य मिशन 09-अप्रैल-2018

सूर्य मिशन

भारत का मिशन आदित्य L-1

  • 2020 तक आदित्य L-1 के प्रक्षेपण की योजना

  • जो कोरोना फोटोस्फीयर और क्रोमोस्फीयर के साथ ही सौर पवन का अध्ययन करेगा

  • यह सूर्य किरणों और शौर्य पवन के पृथ्वी के संचार नेटवर्क के गतिरोध का पता लगाना इसका मुख्य उद्देश्य है

पार्कर सोलर प्रोब मिशन:-

  • पार्कर सोलर प्रोब मिशन नासा द्वारा विकसित उपग्रह है जो जुलाई 2018 में लांच करेगा |

  • 40 लाख किलोमीटर सौर वातारण में जाकर अध्यन करेगा तथा 62 लाख किलोमीटर सौर वातारण के 1377 डिग्री सेल्सियस तापमान का सामना करते हुए चक्कर लगाएगा |

  • यह 1976 में भेजे गये हीलियम-2 से 7 गुना अन्दर जाकर अध्यन करेगा |

किन किन चीजों का अध्यन करेगा:–

  1. सूर्य जैसे तमाम तारो की कार्य प्रणाली किस तरह से काम करती है

  2. सूर्य की सतह या कोरोना को गर्म करने वाली एवं सौर तूफानों को गति देने वाली उर्जा के बहाव को समझेगा

  3. यह पता लगायेगा की सूर्य से उत्पन होने वाले उर्जा कणों को गति कैसे मिलती है

  4. सूर्य के आस-पास मौजूद धूल, सौर आंधी, सौर उर्जा कणों का क्या असर होता है

  5. सूर्य उर्जा और गर्मी का सूरज के चारो ओर कैसे घेरा बना कर रखती है

  6. सौर आंधी के स्रोत पर मौजूद चुंबकीय क्षेत्र की बनावट

  7. सूर्य के जीवन और सूर्य की बाकी बची जिंदगी का भी अध्ययन करेगा

  8. इसकी अधिकतम रफ्तार 6.92 लाख किलोमीटर प्रति घंटा होगी एवं सूर्य के करीब जाने पर 192 किलोमीटर प्रति सेकंड होगी इसी के साथ यह मानव निर्मित सबसे तेज गति से चलने वाला यान होगा

  • इस मिशन की अवधि 6 साल 321 दिन है एवं यह सूर्य के 24 चक्कर लगाएगा

सूर्य परिचय:-

  • पृथ्वी से 13 लाख  गुना बड़ा

  • 3 लाख 33 हजार  भारी गुना भारी

  • 13 लाख 92 हजार  किलोमीटर व्यास

  • 73.5 फीस वि हाइड्रोजन फ़ीसदी भाग हाइड्रोजन

  • 24.9 % भाग हीलियम साथ ही आक्सीजन, कार्बन, आयरन, सिलिकान मैग्निसियम और सल्फर मौजूद है |

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