देश की पहली आधुनिक फोरेंसिक लैब की आधारशिला चंडीगढ़ में 01-जून-2018
महिला एवं बाल विकास मंत्रालय
उद्देश्य:- महिलाओं से जुड़े मामलों में तीव्रता एवं सटीकता लाने के लिए एवं अंतर्राष्ट्रीय मानकों पर खरे उतरने और महिलाओं को समयबद्ध तरीके से न्याय दिलाने के लिए, देश की पहली आधुनिक फोरेंसिक लैब की आधारशिला चंडीगढ़ में रखी गई
- केन्द्रीय फोरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला (सीएसएफएल), चंडीगढ़ के परिसर में सखी सुरक्षा आधुनिक डीएनए फोरेंसिक लैबोरेट्री की आधारशिला रखी गई |
- अगले तीन माह में पांच और आधुनिक फोरेंसिक लैब मुम्बई, चेन्नई, गुवाहाटी, पुणे और भोपाल में खुलेंगी, जिससे प्रयोगशालाओं की कुल न्युनतम वार्षिक क्षमता 50,000 मामले हो जाएगी। चेन्नई और मुम्बई में प्रयोगशालाओं की स्थापना महिला और बाल विकास मंत्रालय के कोष से होगी, जबकि शेष तीन लैब की स्थापना के लिए वित्तीय सहायता गृह मंत्रालय द्वारा प्रदान की जाएगी |
- अंतर्राष्ट्रीय मानकों पर खरे उतरने और महिलाओं को समयबद्ध तरीके से न्याय दिलाने के लिए डीएनए प्रौद्योगिकी के लिए आधुनिक डीएनए फोरेंसिक प्रयोगशालाओं की आवश्यकता हैं ।
- यौन उत्पीड़न के मामलों में जांच पूरी कर रिपोर्ट सौंपने की आदर्श समयसीमा 90 दिन है। इसके अलावा जैविक अपराध से संबंधित सबूतों को वैज्ञानिक तरीके से संरक्षित किया जाना जरूरी है, ताकि कोई भी जांच/रिपोर्ट तर्कसंगत तैयार हो सके। हालांकि सीएफएसएल, चंडीगढ़ में वर्तमान में ऐसी एकत्र करने/संरक्षण क्षमता 200 मामले है।
- 193 वन स्टॉप सेंटर (ओएससी), जिसे लोकप्रिय रूप से साखी केंद्र के नाम से जाना जाता है, पूरे देश में कार्यात्मक हैं।
- महिलाओं से जुड़े मामलों से निपटने के सखी सुरक्षा आधुनिक डीएनए फोरेंसिक प्रयोगशाला में चार इकाइयां स्थापित की जाएगी:-
- यौन उत्पीड़न और हत्या इकाई
- पैतृत्व इकाई
- मानव पहचान इकाई
- माइटोकोंड्रियल इकाई
उपयोग का संदर्भ-
उपरोक्त मूल लेख पीआईबी के महिला एवं बाल विकास मंत्रालय द्वारा दिया गया हैं, इस लेख का प्रयोग महिला सशक्तिकरण एवं, महिला हिंसा पर पूछे गए प्रश्न जो संघ लोक लोक सेवा आयोग एवं उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग के निम्न यूनिट से सम्बंधित हो सकते हैं, जैसे-
संघ लोक लोक सेवा आयोग:-
- यूनिट-2:- महिलाओं की भूमिका और महिला संगठन जनसंख्या एवं सम्बद्ध मुद्दे गरीबी और विकासात्मक विषय, शहरीकरण उनकी समस्याएं और उनके रक्षोपाय |
- यूनिट-4:- सामाजिक सशक्तिकरण, संप्रदायवाद, क्षेत्रवाद और धर्मनिरपेक्षता |
उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग:-
यूनिट-2:- महिलाओं की समाज भूमिका और महिला संगठन जनसंख्या एवं सम्बद्ध मुद्दे गरीबी और विकासात्मक विषय, शहरीकरण उनकी समस्याएं और उनके रक्षोपाय |
यूनिट-4:- सामाजिक सशक्तिकरण, संप्रदायिकता, क्षेत्रवाद और धर्मनिरपेक्षता |
प्रश्न प्रारूप:- वर्तमान संदर्भ में महिलाओ पर लगातार कुछ घटनाएँ उभरी कर सामने आई, इन घटनाओं पर विशलेषण करते हुए इनमे कमी करने के उपाय एवं महिला सशक्तिकरण के उपाय को सुझाये |
प्रश्न प्रारूप:- महिलाओं के साथ घटित घटनाओ के त्वरित समाधान एवं राहत पहुँचाने में प्रशासन की भूमिका का विशलेषण कर इसमें सुधार के संदर्भ में अपने तर्क को प्रस्तुत करे साथ ही वर्तमान में सरकार द्वारा उठाये गए कदमो का आलोचनात्मक परीक्षण करे |