राष्ट्रीय खेल विश्वविद्यालय अध्यादेश 2018 (01-जून-2018)
युवा मामले और खेल मंत्रालय
मूल लेख-
- राष्ट्रीय खेल विश्वविद्यालय अध्यादेश 2018 राष्ट्रपति की अनुमति के बाद लागू हो गया जिसके तहत मणिपुर मुख्यालय बनाने के साथ राष्ट्रीय खेल विश्वविद्यालय की स्थापना की जाएगी |
- यह अध्यादेश राष्ट्रीय खेल विश्वविद्यालय अधिनियम 2017 के अनुसार है, जिसको 10 अगस्त 2017 को लोकसभा में पेश किया गया था |
- इस तरह का यह पहला खेल विश्वविद्यालय है, जो खेल की शिक्षा को प्रोत्साहित करेगा साथ ही खेल विज्ञान, खेल प्रद्योगिकी, खेल प्रबंधन और खेल कोचिंग को बढ़ावा देने के साथ राष्ट्रीय प्रशिक्षण केंद्र के रूप में कार्य करेगा |
- इसका 2014-15 के बजट भाषण में उल्लेख किया गया था |
मूल लेख का सारांश-
भारत सरकार अपनी सॉफ्ट पावर का एक अवयव, खेल को प्रोत्साहित एवं रुचिकर बनाने के लिए राष्ट्रीय खेल विश्वविद्यालय अधिनियम 2017 लाना चाहती थी संसद में हो रहे लगातार प्रतिरोधों के कारण पास नहीं हो सका इसी कारण मंत्रिमंडल के अनुरोध पर राष्ट्रपति द्वारा राष्ट्रीय खेल अध्यादेश लाया गया जिसके तहत में खेल विश्वविद्यालय की स्थापना की जाएगी यह कहीं ना कहीं हवाओं में खेल के प्रति रुचि बढ़ाकर उसको एक कैरियर के विकल्प के रूप में प्रस्तुत करने का उचित माध्यम हो सकता है परंतु हमें यहां यह बात ध्यान देने वाली है कि भारत देश में हो रही राजनीति उपेक्षा के कारण आम जनता एवं खासकर ग्रामीण लोगों के बीच नकारा विकल्प के रूप में मौजूद है, खेल के लोकप्रिय ना होने के कुछ कारण निम्न है-
- प्राइमरी शिक्षा में खेल महत्व ना देना
- रोजगार के प्रति लोगों का ज्यादा झुकाव
- खेल से तत्कालिक रूप में खिलाड़ी व्यक्ति को किसी भी प्रकार का लाभ नहीं होना
- अपनी छोटी-छोटी जरूरतों एवं आवष्यकताओं को पूरा करने के लिए खेल की रूचि का त्याग करके काम के प्रति मुड़ जाना
- सरकार के द्वारा अच्छे खिलाड़ी को भी प्रोत्साहित नहीं करना
- खिलाड़ी के चयन स्तर में किया जाने वाला भेदभाव जिससे अच्छे खिलाड़ी का चयन नहीं होना
- सरकारी तंत्र में भाई भतीजावाद घूस, भ्रष्टाचार का व्याप्त होना
- महिला खिलाड़ी का यौन एवं मानसिक शोषण होना जिससे लड़कियों का इसके प्रति मन बदलना
- किसी भी खिलाड़ी एवं महिला खिलाड़ी को किसी भी स्तर पर आगे बढ़ने के लिए उनके आत्म गौरव आत्मसम्मान को दबाना इत्यादि
सुधार के कुछ उपाय-
- शिक्षा के प्रारंभिक स्तर पर ही खेल को के अध्ययन अध्ययन का एक अंग बनाना
- गांव ब्लॉक जिला स्तर पर उभर रहे खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करना एवं उन्हें सहायता प्रदान करना
- चयन की एक पारदर्शी प्रक्रिया का पाया जाना
- सभी खेल संस्थानों में महिलाओं की सुरक्षा के लिए उचित प्रबंध करना
- सभी ग्राम एवं ग्रामपंचायती स्कूलों मैं एक ऐसा मैदान तैयार करना जिसमें खेल के सभी आवश्यक सामग्री उपलब्ध है एवं यह सभी को निशुल्क रूप में उपलब्ध कराए जाएं
- सभी स्कूलों में (सार्वजनिक एवं निजी) खेल की सभी व्यवस्थाएं अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराई जाए|
- शिक्षा के सभी स्तरों पर खेल को एक अनिवार्य विषय के रूप में शामिल किया जाना चाहिए इत्यादि
उपयोग का संदर्भ
प्रीलिम्स परीक्षा-
- राष्ट्रपति द्वारा अध्यादेश किन किन परिस्थितियों में लाया जा सकता है?
- राष्ट्रपति द्वारा लाया गया अध्यादेश मुख्य रूप से कितने समय तक एवं किन परिस्थितियों में लागू रह सकता है|
मुख्य परीक्षा:- राष्ट्रपति द्वारा लाए गए अध्यादेश के संदर्भ में संविधान में मुख्यता किन किन बातों का उल्लेख किया गया एवं उनसे संबंधित उच्चतम न्यायालय एवं संसद की सीमाएं कहां तक स्थापित होती हैं इस संबंध में संपूर्ण जानकारी के अध्ययन अनिवार्य है|
सेलेबस का खंड- प्रश्न पत्र संख्या 2 भारतीय संविधान एवं शासन व्यवस्था
संघ लोक सेवा आयोग(UPSC) का सिलेबस-
यूनिट-5:- संसद और राज्य विधायिका – संरचना, कार्य-संचालन, शक्तियां एवं विशेषाधिकार और इनसे उत्पन्न होने वाले विषय |
उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग का सिलेबस-
यूनिट-6:- संसद और राज्य विधायिका – संरचना, संगठन और कार्य – कार्य-संचालन, शक्तियां एवं विशेषाधिकार तथा संबंधित विषय |