भाग-1 महिला सशक्तिकरण के लिए सरकार द्वारा किये गए कुछ प्रमुख कार्य
01. एकल सुविधा केन्द्र
- 193 एकल सुविधा केन्द्र (ओएससी), जिसे लोकप्रिय रूप से सखी केंद्र के नाम से जाना जाता है, पूरे देश में कार्य कर रहा है। अगले वर्ष तक एकल सुविधा केन्द्रों (ओएससी) की संख्या बढ़ाकर 600 कर दिए जाने का लक्ष्य है। इन केन्द्रों के जरिए 1.3 लाख महिलाओं को सहायता प्रदान किया गया है।
02. मंत्रालयों में महिलाओं से संबंधित मुद्दों पर विशेष प्रभाग
- गृह मंत्रालय (एमएचए) ने हाल ही में महिलाओं की सुरक्षा के मुद्दों के समाधान के लिए विशेष प्रभाग बनाया है। डब्ल्यूसीडी मंत्री ने सभी मंत्रालयों को इस तरह के प्रभाग बनाने के लिए पत्र लिखा है। मंत्री ने आगे कहा कि एमएचए सेक्स अपराधियों के राष्ट्रीय रिपोजिटरी (एनआरएसओ) का गठन कर रहा है। यौन अपराधियों की प्रोफाइल से जुड़ी जानकारी सभी राज्य / केंद्रशासित प्रदेशों के साथ साझा की जाएगी ।
03. निर्भया कोष
- महिला एवं बाल विकास मंत्रालय द्वारा निर्भया कोष के तहत 6,000 करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाओं का मूल्यांकन किया गया है।
04. एनआरआई वैवाहिक विवाद
- एनआरआई विवाह से संबंधित विवादों के अंतर्गत डब्ल्यूसीडी मंत्रालय रजिस्ट्रार को यह आदेश जारी करने की प्रक्रिया में है कि एनआरआई विवाह अगर 48 घंटे के अंदर पंजीकृत नहीं होता है, तो उन्हें पासपोर्ट / वीजा जारी नहीं किया जाए। रजिस्ट्रार ऐसे एनआरआई विवाहों का विवरण डब्लूसीडी मंत्रालय को भेजेंगे ताकि केंद्रीय डेटाबेस बनाया जा सके। मंत्रालय ने हाल ही में ऐसे मामलों में 6 लुक आउट सर्कुलर जारी किए हैं तथा 5 मामलों में विदेश मंत्रालय द्वारा पासपोर्ट रद्द भी कर दिए गए हैं।
इसी क्रम में आगे भाग-2 में............