भाग-2 महिला सशक्तिकरण के लिए सरकार द्वारा किये गए कुछ प्रमुख कार्य
05. महिलाओं से संबंधित मामलों के लिए उन्नत डीएनए प्रयोगशाला
- डब्ल्यूसीडी मंत्री ने 1 जून 2018 को सखी सुरक्षा उन्नत डीएनए प्रयोगशाला की नींव रखी ताकि केस-बैकलॉग को कम करने तथा महिलाओं और बच्चों को न्याय दिलाने के लिए यौन हमले के मामलों को तेजी से और अधिक प्रभावी ढंग से निपटाया जा सके। इसके लिए निर्भया कोष के तहत 99.76 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। अगले 3 महीनों में मुंबई, चेन्नई, गुवाहाटी, पुणे और भोपाल में पांच और उन्नत फोरेंसिक प्रयोगशालाएं स्थापित की जाएंगी।
06. बलात्कार के मामलों के लिए विशेष फोरेंसिक किट
- यौन उत्पीड़न के मामलों में अपराधियों को पकड़ने के लिए विशेष फोरेंसिक किट जुलाई के महीने तक सभी पुलिस स्टेशनों और अस्पतालों को वितरित कर दी जाएगी। इन किटों में सबूत इकट्ठा करने के लिए आवश्यक उपकरणों के साथ एकत्र किए जाने वाले साक्ष्य/नमूने की पूरी सूची होगी। फोरेंसिक प्रयोगशालाओं को भेजने से पहले किट को पूरी तरह सील कर दिया जाएगा।
07. महिलाओं के लिए राष्ट्रीय नीति
- मंत्रालय ने सभी हितधारकों से प्राप्त 15000 से अधिक सुझावों / टिप्पणियों पर विचार करने के बाद महिलाओं के लिए राष्ट्रीय नीति, 2017 का मसौदा तैयार किया है।
08. मौत की सजा संबंधित अध्यादेश
- बच्चों के साथ बलात्कार के अपराधियों को सख्त सजा देने के लिए, सरकार ने आईपीसी और सीआरपीसी में संशोधन कर मृत्युदंड देने के एक अध्यादेश को मंजूरी दे दी है । 12 वर्ष की उम्र तक की लड़कियों के बलात्कारियों को मौत की सजा के लिए एक नया प्रावधान जोड़ा गया हैं ।
इसी क्रम में आगे जारी भाग-3 में ...............