भाग-3 महिला सशक्तिकरण के लिए सरकार द्वारा किये गए कुछ प्रमुख कार्य
09. बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ (बीबीबीपी)
- बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना जनवरी 2015 में सेक्स चयन को रोकने, लड़कियों के संरक्षण और सुरक्षा सुनिश्चित करने तथा लड़कियों की शिक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से शुरू की गई थी।
- अप्रैल-मार्च, 2015-16 और 2016-17 के बीच की अवधि में 161 जिलों के लिए एमओएच एंड एफडब्ल्यू के नवीनतम एचएमआईएस डेटा के अनुसार उत्साहजनक रुझान दिखाई दिए हैं |
- 104 बीबीबीपी जिलों में एसआरबी की प्रवृत्ति में सुधार दिखाई दिया है।
- एंटी-नाटल केयर पंजीकरण के मामलों में 119 जिलों में पहले तिमाही में पंजीकरण में तेजी आई है।
- 146 जिलों में संस्थागत डिलीवरी में सुधार दिखाई दिया है।
10. एसएचई बॉक्स (SHe-BOX)
- कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न के मामलों के लिए पहली इस तरह की ऑनलाइन रिपोर्टिंग और शिकायत प्रबंधन प्रणाली 2017 में शुरू की गई थी। पोर्टल पर लगभग 191 शिकायतें दर्ज की गई और मंत्रालय ने उन पर कार्रवाई की।
11. प्रसूति लाभ (संशोधन) अधिनियम, 2017
- प्रसूति लाभ (संशोधन) बिल-2016, 27 मार्च, 2017 को एक अधिनियम बन गया । इस अधिनियम के तहत मातृत्व अवकाश को 12 सप्ताह से बढ़ाकर 26 सप्ताह तक कर दिया गया जो इस तरह का दुनिया में तीसरा देश बन गया है। कमीशनिंग और गोद लेने वाली मांएं भी 12 सप्ताह के मातृत्व अवकाश की हकदार हैं, बशर्ते बच्चे की उम्र 3 महीने से कम हो। 50 या अधिक कर्मचारियों वाले संगठनों में अनिवार्य क्रैच सुविधा भी देने की भी प्रावधान इस अधिनियम के माध्यम से किया गया है।
इसी क्रम में आगे जारी भाग-4 में .............