फेसबुक डाटा के गलत इस्तेमाल का विवाद

सरकार ने फेसबुक से स्पष्ट सहमति के बिना डाटा साझा करने की रिपोर्टों पर स्पष्टीकरण मांगा
इलेक्ट्रानिक्स एवं आईटी मंत्रालय

  • हाल की मीडिया रिपोर्टों में यह दावा किया गया था कि फेसबुक ने ऐसे समझौते किए हैं, जो फोन तथा अन्य उपकरण निर्माताओं को फेसबुक यूजरों की निजी सूचना तक पहुंच बनाने की अनुमति देते हैं। इन निजी सूचनाओं में स्पष्ट सहमति लिए बिना यूजर के मित्रों से जुड़ी सूचनाएं शामिल हैं। भारत सरकार ने गलतियों/ उल्लंघनों की रिपोर्ट पर गंभीर चिंता व्यक्त की है।
  • इससे पहले कैम्ब्रिज एनालिटिका प्रकरण से संबंधित निजी डाटा उल्लंघन के बारे में जारी नोटिस पर फेसबुक ने क्षमायाचना की थी और भारत सरकार को दृढ़ आश्वासन दिया था कि फेसबुक अपने प्लेटफार्म पर यूजर के डाटा की निजता की रक्षा के लिए गंभीरता से प्रयास करेगा। लेकिन ऐसी रिपोर्टें फेसबुक द्वारा दिए गए आश्वासनों के बारे में असहज सवाल उठाती हैं। इसलिए इलेक्ट्रानिक्स तथा सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने इस विषय में विस्तृत वास्तविक रिपोर्ट मांगते हुए फेसबुक से स्पष्टीकरण मांगा है। फेसबुक से 20 जून तक जवाब देने के लिए कहा गया है।

अन्य:-

  • ई-प्रोफाइलिंग अर्थात व्यक्तियों के रुझानों एवं उनकी रुचियों के आधार पर बनाई गई प्रोफाइल, इसके अंतर्गत सोशल मीडिया अकाउंट एवं अन्य व्यक्तियों की व्यक्तिगत जानकारी जैसे ईमेल, Facebook, ट्विटर WhatsApp इंस्टाग्राम, स्नैपचैट आदि में लोगों द्वारा शेयर किए गए फोटो एवं उनके द्वारा उपयोग की जाने वाली वस्तुएं पसंद की जाने वाली वस्तुओं एवं जगहों एवं उत्पादों के आधार पर कंपनियां यह प्रोफाइल बनाती हैं |
  • इसी प्रोफाइल के आधार पर उस व्यक्ति के सोशल अकाउंट पर उसी से जुड़ी हुई विज्ञापन सामग्री दिखाई जाती है, साथ ही इसमें लोग किस पार्टी को पसंद करते हैं एवं किस पार्टी को नहीं करते है, के आधार पर जानकारी इकट्ठा कर उनके पास ऐसे मैसेज या ऐसे विज्ञापन राजनीतिक पार्टियों द्वारा भेजे जाते हैं, जिससे उनकी मनोवृति में परिवर्तन हो और वह व्यक्ति उसकी तरफ आ सके |
  • यह भी अभी हाल ही में अमेरिका के राष्ट्रपति चुनाव में व्यापक मात्रा में प्रयोग किया गया तथा भारत में हो रहे चुनाव में भी इसके कुछ उपयोग के आसार एवं विवाद दिखाई दिए हैं |
  • भारत में Facebook डाटा के गलत इस्तेमाल चुनाव में करने के लिए कैंब्रिज एनालिटिका कम्पनी को भारत सरकार ने नोटिस दिया है |
  • इस प्रोफाइलिंग के अंतर्गत व्यक्तियों के द्वारा उनके ब्राउज़र अर्थात इंटरनेट पर सर्च की जाने वाली सभी सामग्री एवं उत्पादों एवं कार्यों को मॉनिटर किया जाता है जो व्यक्तियों की प्राइवेसी का पूर्णतया हनन है विश्व प्रसिद्ध कंपनी Google भी अपने उपभोक्ताओं के सभी ईमेल को बिना उनकी इजाजत लिए पढ़ती है एवं उसकी प्रोफाइलिंग करती है |
  • इसका आजकल ई-कामर्स की कम्पनिया ज्यादा प्रयोग कर रही है और ऐसे काम पर अत्यधिक खर्च भी करती जा रही है |

उपयोग का संदर्भ

मुख्य परीक्षा: भारत के डिजिटल इंडिया कार्यक्रम के समुख डाटा सुरक्षा एक व्यापक चुनौती के रूप में उभर कर आई हैं, इस संदर्भ में भारत सरकार द्वारा उठाये गए कदमो की समीक्षा कीजिए एवं उचित उपाय सुझाएँ |

सेलेबस का खंड-

संघ लोक सेवा आयोग(UPSC) का सिलेबस-

यूनिट-15:- शासन व्यवस्था, पारदर्शिता और जवाबदेही के महत्वपूर्ण पक्ष, ई-गवर्नमेंट अनुप्रयोग, मॉडल, सफलताएं, सीमाएं और संभावनाएं, नागरिक चार्टर, पारदर्शिता एवं जवाबदेही और संस्थागत तथा अन्य उपाय |

उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग का सिलेबस-

यूनिट-16:- शासन व्यवस्था, पारदर्शिता और जवाबदेही के महत्वपूर्ण पक्ष, ई-गवर्नेंस अनुप्रयोग, मॉडल सफलताएं, सीमाएं और संभावनाएं, नागरिक चार्टर, पारदर्शिता एवं जवाबदेही और संस्थागत व अन्य उपाय |

संघ लोक सेवा आयोग(UPSC) का सिलेबस-

यूनिट-1:- विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी - विकास एवं अनुप्रयोग और रोजमर्रा के जीवन पर इनका प्रभाव |

उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग का सिलेबस-

यूनिट-10:- विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी - विकास एवं अनुप्रयोग (दैनिक जीवन एवं राष्ट्रीय सुरक्षा में, भारत की विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी नीति) |
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