किसानों की आय दोगुनी करने के लिए कुछ सुझाव 

किसानों की आय दोगुनी करने के लिए कुछ सुझाव 

उदेश्य- कृषि को लाभकारी पेशा बनाने के लिए कृषि क्षेत्र में परिवर्तन की आवश्यता है क्योंकि जलवायु, बाजार की स्थितियों, विश्व परिदृश्य और खाने के तरीकों में परिवर्तन हो रहा है |

  1. प्राकृतिक संसाधनों और अनुकूल कृषि प्रणालियों को मापने के लिए डिजिटल प्रौद्योगिकी का उपयोग किया जाना चाहिए। प्राकृतिक संसाधनों तथा किसानों की सामाजिक-आर्थिक स्थिति का आकलन किया जाना चाहिए। इसके पश्चात आजीविका के अवसरों को बढ़ाने के उपाय सुझाए जाने चाहिए।
  2. कृषि आधारित अवसंरचना का विकास किया जाना चाहिए। कृषि उत्पादों के लिए प्रथम और द्वितीय स्तर का मूल्यवर्धन किया जाना चाहिए। इससे किसानों की आय में वृद्धि होगी। उद्योग जगत को एमएसपी पर कृषि उत्पाद खरीदने के लिए आमंत्रित किया जाना चाहिए। ग्रामसमूह स्तर पर कृषि उत्पादों का प्रसंस्करण किया जाना चाहिए। किसानों को इन प्रसंस्करण उद्यमों में हितधारक बनाया जाना चाहिए।
  3. सरकार ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, प्रधानंमत्री कृषि सिंचाई योजना जैसी कई महत्वपूर्ण योजनाओं की शुरुआत की है। परंपरागत कृषि विकास योजना जैविक कृषि से संबंधित है। जैविक कृषि में असीम संभावनाएं है। विश्व स्तर पर लोग स्वास्थ्य के प्रति जागरूक हो रहे हैं। इन अवसरों का उपयोग किया जाना चाहिए।
  4. किसानों की सफलता से संबंधित बहुत सी जानकारियां है। इन जानकारियों को दूसरे किसानों के साथ साझा किया जाना चाहिए।
  5. सरकार कृषि उत्पादों के विक्रय से संबंधित समस्याओं पर निरंतर ध्यान दे रही है। कृषि-बाजार से संबंधित एक योजना है - ई-राष्ट्रीय कृषि बाजार (ई-एनएएम)। ई-एनएएम का टर्नओवर 100 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है और यह 16 राज्यों व दो केन्द्रशासित प्रदेशों के 585 बाजारों में कार्यरत है।
  6. बागवानी के माध्यम से भी किसानों की आय में वृद्धि की जा सकती है। चूँकि फल, सब्जी व फूल जल्द ही सड़ जाते हैं इसलिए कोल्ड स्टोरेज श्रृंखला की आवश्यकता है। उत्तरी तेलंगाना में हल्दी और लहसुन का उत्पादन करने वाले किसान कोल्ड स्टोरेज की श्रृंखला से लाभान्वित हो सकते हैं।
  7. कृषि क्षेत्र में किए गए प्रयासों का लाभ प्राप्त नहीं किया जा सकता यदि कृषि-उद्यम क्षेत्र का विकास न किया जाए। इसलिए पूरक उद्योग नीतियों की आवश्यकता है ताकि कृषि और उद्योग साथ-साथ चल सकें। आईटी पार्क और फार्मा पार्क की तरह कृषि पार्कों को भी विकसित किया जाना चाहिए। कृषि क्षेत्र में नवोन्मेष को भी प्रोत्साहित किया जाना चाहिए।

उपयोग का संदर्भ

  • प्रीलिम्स परीक्षा- कृषि के क्षेत्र में विकास के लिए निम्नलिखित में कौनसा विकल्प सत्य है/असत्य है?

मुख्य परीक्षा:

सेलेबस का खंड-

प्रश्नपत्र संख्या- सामान्य ज्ञान प्रश्नपत्र-3, भाग-1 (भारतीय अर्थव्यवस्था एवं उससे सम्बंधित विषय)

यूनिट-

संघ लोक सेवा आयोग(UPSC) का सिलेबस-

यूनिट- समावेशी विकास तथा इससे उत्पन्न विषय |

उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग का सिलेबस-

यूनिट- गरीबी के मुद्दे, बेरोजगारी, सामाजिक न्याय एवं समावेशी संवृद्धि |

संघ लोक सेवा आयोग(UPSC) का सिलेबस-

यूनिट- मुख्य फसलें - देश के विभिन्न भागों में फसलों का पैटर्न - सिंचाई के विभिन्न प्रकार एवं सिंचाई प्रणाली, कृषि उत्पाद का भंडारण, परिवहन तथा विपणन, संबंधित विषय और बाधाएं, किसानों की सहायता के लिए ई-प्रौद्योगिकी |

उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग का सिलेबस-

यूनिट- प्रमुख फसलें, विभिन्न प्रकार की सिंचाई विधि एवं सिंचाई प्रणाली, कृषि उत्पाद का भंडारण, ढुलाई एवं विपणन, किसानों की सहायता हेतु ई-तकनीकी |

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