केवीआईसी ने ई-मार्केटिंग प्रणाली का शुभारंभ किया
उदेश्य- देश में कहीं से भी खादी एवं ग्रामोद्योगों के उत्पादों की खरीद-बिक्री के लिए केवीआईसी के तैयार स्टॉक का बेहतर नियोजन एवं नियंत्रण के लिए |
- खादी एवं ग्रामोद्योग आयोग (केवीआईसी) ने अपने यहां आंतरिक तौर पर विकसित एवं एकल-छत्र वाली ई-मार्केटिंग प्रणाली ‘खादी संस्थान प्रबंधन एवं सूचना प्रणाली (किमिस)’ का आज नई दिल्ली में शुभारंभ किया। खादी एवं ग्रामोद्योगों के उत्पादों की खरीद-बिक्री के लिए देश में कहीं से भी इस प्रणाली या सिस्टम तक पहुंचा जा सकता है।
- केवीआईसी के अध्यक्ष श्री विनय कुमार सक्सेना ने ‘किमिस’ का उद्घाटन करते हुए कहा कि खरीद-बिक्री के लिए आंतरिक तौर पर एकल वृहद बिलिंग सॉफ्टवेयर विकसित करना समय की मांग है जिस पर देश में कहीं से भी चौबीसों घंटे करीबी नजर रखी जा सकती है।
- उन्होंने कहा कि केवीआईसी की आईटी टीम ने एक पूरी तरह त्रुटिहीन सॉफ्टवेयर विकसित किया है जिसे यदि किसी अन्य कंपनी अथवा थर्ड पार्टी से खरीदा जाता तो उस पर करोड़ों रुपये खर्च करने पड़ते। यह सॉफ्टवेयर खादी उत्पादों की बिक्री के बारे में वास्तविक समय वाले डेटा उपलब्ध कराएगा और इसके साथ ही खादी भवनों एवं संबंधित गोदामों में उपलब्ध खादी स्टॉक के बारे में अद्यतन जानकारी भी देगा। इससे केवीआईसी के तैयार स्टॉक का बेहतर नियोजन एवं नियंत्रण संभव हो सकेगा।
- उन्होंने यह भी कहा कि 480 खादी संस्थानों और शोरूम को इस बिलिंग सॉफ्टवेयर से लिंक कर दिया गया है और यह मांग बढ़ाने तथा अधिक मांग होने की स्थिति में वस्तुओं की आपूर्ति करने में उपयोगी साबित होगा।
केंद्र सरकार द्वारा संचालित अन्य सरकारी ई-मार्केटप्लेस (जेम)-
·सरकारी ई-मार्केटप्लेस (जेम) पर खरीदारों एवं विक्रेताओं के लिए आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय सलाहकार कार्यशाला का आज शुभारंभ हुआ। इसका आयोजन इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस प्रभाग के सहयोग से सरकारी ई-मार्केटप्लेस (जेम) के एसपीवी और वाणिज्य मंत्रालय के अधीनस्थ डीजीएसएंडडी द्वारा किया जा रहा है।
·यह सार्वजनिक खरीद में पारदर्शिता हासिल करने की दिशा में एक महान पहल है |
· पोर्टल में अपनाई जा रही प्रक्रियाओं से कीमतें वास्तव में घट रही हैं। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि विक्रेताओं को अपना भुगतान प्राप्त करने के लिए चारों ओर भागने की जरूरत नहीं पड़ती है क्योंकि उत्पादों और सेवाओं की डिलीवरी के 10 दिन के भीतर भुगतान कर दिया जा ता है।
GeM(गवर्नमेंट-ई-मार्किट)-3.0
- GeM(गवर्नमेंट-ई-मार्किट) की सफलता के बाद इसका नया एडवांस वर्जन GeM(गवर्नमेंट-ई-मार्किट)-3.0 को लांच किया गया हैं |
- केंद्र सरकार द्वारा सभी केंद्रीय विभागों के लिए खरीद के लिए ऑनलाइन प्लेटफ़ॉर्म हैं जिस पर उपयोग के पेन कापी पेन्सिल से लेकर लैपटॉप डेस्कटॉप तक सब उत्पाद (लगभग 5 लाख ) मौजूद हैं |
- बिचौलियों से बचने तथा सभी लघु सीमान्त माध्यम उद्योग को एक तकनीक प्लेटफार्म प्रदान किया गया हैं l
·DIRECTORATE GENERAL OF SUPPLIES AND DISPOSALS(DGS and D) विभाग इसकी देख रेख कर रहा हैं |
उपयोग का संदर्भ
- प्रीलिम्स परीक्षा- GeM(गवर्नमेंट-ई-मार्किट) के संदर्भ में निम्लिखित दिए गए कथनों में से कौन सा सत्य/असत्य है/हैं?
मुख्य परीक्षा:
- सेलेबस का खंड- सामान्य ज्ञान प्रश्नपत्र-3, भाग-1 (भारतीय अर्थव्यवस्था एवं उससे सम्बंधित विषय); भाग-2 (विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी)
- प्रश्नपत्र संख्या-
यूनिट- संघ लोक सेवा आयोग(UPSC) का सिलेबस-
यूनिट-8 उदारीकरण का अर्थव्यवस्था पर प्रभाव, औद्योगिक नीति में परिवर्तन तथा औद्योगिक विकास पर इनका प्रभाव |
उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग का सिलेबस-
यूनिट-8 भारत में वैश्वीकरण तथा उदारीकरण के प्रभाव, औद्योगिक नीति में परिवर्तन तथा इनके औद्योगिक संवृद्धि पर प्रभाव |
संघ लोक सेवा आयोग(UPSC) का सिलेबस-
- विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी - विकास एवं अनुप्रयोग और रोजमर्रा के जीवन पर इनका प्रभाव |
उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग का सिलेबस-
- विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी - विकास एवं अनुप्रयोग (दैनिक जीवन एवं राष्ट्रीय सुरक्षा में, भारत की विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी नीति) |