‘सर्वेभावंती सुखिना, सर्वे सन्तु निरामया’ के मार्गदर्शक सिद्धांत के तहत स्वास्थ – मानव विकास का ह्रदय माना हैं|
‘आयुष्मान भारत’ के तहत दो मुख्य पहले-
1.राष्ट्रयी स्वास्थ्य नीति -2017 के तहत स्वास्थ्य प्रणाली की नींव के रूप में ‘स्वास्थ्य और आरोग्य केन्द्र’ हैं, जो असंचारी रोगों और मात्रत्व तथा बाल स्वास्थ्य सेवाओ सहित व्यापक स्वास्थ्य सेवाए लोगों के घरों के नजदीक उपलब्ध कराएगी |