यूआईडीएआई: आधार कार्ड के फोन नंबर से संबन्धित विवाद
स्रोत:- राज्य सभा टीवी एवं डीडी न्यूज़
मुद्दा:- हाल ही में कई मोबाइल फोन उपयोगकर्ताओं की कॉन्टेक्ट लिस्ट में UIDAI का नंबर सेव पाया जा रहा है |
- हाल ही में कई मोबाइल फोन उपयोगकर्ताओं की कॉन्टेक्ट लिस्ट में UIDAI का नंबर सेव हो जाने के मुद्दे पर भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) ने कहा है कि कुछ स्वार्थी तत्वों ने आधार की छवि खराब करने और लोगों के बीच भय फैलाने का प्रयास किया है, और गूगल की एक गलती से उसका पुराना हेल्पलाइन नंबर कई मोबाइल फोन उपयोगकर्ताओं की कॉन्टेक्ट लिस्ट में आ गया था।
- प्राधिकरण का कहना है कि किसी फोन के कॉन्टेक्ट लिस्ट में दर्ज नंबर के जरिए उस फोन की सूचनाएं नहीं चुराई जा सकती है। अफवाह फैलाने वालों ने उसी को लेकर आधार की छवि खराब करने की कोशिश की।
- प्राधिकरण ने बयान में कहा कि वह ऐसे निहित स्वार्थी तत्वों के प्रयास की 'निंदा' करता है, और ऐसी अफवाहों से बचना चाहिये। प्राधिकरण ने यह भी स्पष्ट कर दिया है कि एंड्रायड फोन में पाया जा रहा हेल्पलाइन नंबर पुराना है और मान्य नहीं है.
- यूआईडीएआई (यूनीक आईडेंटिफिकेशन अथॉरिटी ऑफ इंडिया) ने देश के सभी बैंकों और एनपीसीआई (नैशनल पेमेंट कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया) को निर्देश दिया था, कि किसी एक उद्देश्य के लिए एकत्रित किया गया आधार का प्रयोग, ग्राहक को सूचित किए बिना किसी भी अन्य उद्देश्य के लिए नहीं किया जाए।
- यूआईडीएआई द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार उसके निर्देशों का उलंघन्न करने वाले बैंकों पर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
- यूआईडीएआई का यह निर्देश मोबाइल सेवा प्रदाता कंपनी भारती एयरटेल के खिलाफ उन शिकायतों के बाद आई थी जिसमें यह आरोप लगाया गया है कि वह अपने ग्राहकों के आधार का प्रयोग उनकी जानकारी के बिना उनके पेमेंट बैंक अकाउंट खोलने के लिए कर रहा है। इतना ही नहीं एयरटेल इस खाते को एनपीसीआई के एपीबी मैपर पर भी रख रहा था जिससे ग्राहकों का एलपीजी सब्सिडी उनके द्वारा निर्धारित खाते के बजाए इस नए खाते में पहुंच रहा था। जबकि उसे इस खाते की कोई जानकारी नहीं होती थी।
- गौरतलब है कि टेलीकॉम विभाग द्वारा मोबाइल सेवा प्रदाता कंपनियों को सभी मोबाइल नंबरों को आधार द्वारा सत्यापित कराने का निर्देश दिया गया है।
- भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण ने भारती एयरटेल और एयरटेल पेमेंट बैंक के खिलाफ कड़ी कारवाई करते हुए उनका ई-केवाईसी लाइसेंस अस्थाई तौर पर निलंबित कर दिया था |
- एयरटेल और एयरटेल पेमेंट बैंक अब ई-केवाईसी के जरिए अपने मोबाइल ग्राहकों के सिम कार्ड का आधार नंबर आधारित सत्यापन नहीं कर सकती थी, इसी तरह उसे अपने पेमेंट बैंक ग्राहकों के सत्यापन के लिए भी ई-केवाईसी प्रक्रिया अपनाने से रोक दिया गया था |
- यूआईएडीआई ने यह कार्रवाई भारती एयरटेल पर आधार ई-केवाईसी आधारित सिम सत्यापन प्रक्रिया के कथित दुरुपयोग के आरोपों के चलते की थी, एयरटेल पर आरोप हैं कि उसने अपने-अपने ग्राहकों की समुचित सहमति लिए बिना ही उनके बैंक खाते खोल दिए, जबकि वे तो अपने सिम का आधार आधारित केवाईसी करवाने आते थे, इसके साथ ही प्राधिकरण ने इन आरोपों पर भी गंभीर आपत्ति जताई है कि कंपनी द्वारा इन पेमेंट बैंक खातों को एलपीजी रसोई गैस सब्सिडी हासिल करने के लिए भी सम्बद्ध किया जा रहा था |