भारतीय अंतर्राष्ट्रीय रेशम मेला 2018
स्रोत:- भारत सरकार की प्रेस इन्फॉर्मेशन ब्यूरो और राज्य सभा टीवी, डीडी न्यूज़ संबन्धित संस्था की मुख्य वेबसाइट एवं अन्य निजी समाचार पत्र ( द हिन्दू, टाइम्स ऑफ इंडिया,मिंट, दैनिक जागरण, जनसत्ता इत्यादि )
- अंतर्राष्ट्रीय रेशम मेले का आयोजन नई दिल्ली के प्रगति मैदान में किया गया, इसका उद्घाटन केन्द्रीय कपड़ा मंत्री स्मृति ईरानी ने किया।
- इस तीन दिवसीय इवेंट का आयोजन भारतीय रेशम निर्यात संवर्धन परिषद् द्वारा किया गया।
- इस मेले में देश भर से रेशम तथा रेशम उत्पादों के 108 प्रदर्शकों ने हिस्सा लिया। इसमें विभिन्न देशों से 218 क्रेताओं ने भी भाग लिया।
- भारत विश्व का दूसरा सबसे बड़ा रेशम उत्पादक देश है जबकि चीन विश्व का सबसे बड़ा रेशम उत्पादक देश है। रेशम एक कृषि आधारित उद्योग, इसमें श्रम की काफी आवश्यकता होती है।
- रेशम उद्योग से देश भर में लगभग 80 लाख कारीगरों तथा बुनकरों को ग्रामीण क्षेत्र में रोज़गार मिलता है। भारत में की चार प्रमुख किस्मों का उत्पादन किया जाता है, यह चार किस्मे हैं : मलबेरी, एरी, तसर तथा मुगा।
- इस मेले में विभिन्न देशों के 218 से भी अधिक खरीदार भाग लेंगे। जम्मू- कश्मीर और पूर्वोत्तर राज्यों के कारीगर अपने क्षेत्रों के विशिष्ट उत्पादों का प्रदर्शन करेंगे, जो इस मेले में खरीदारों के लिए एक अतिरिक्त आकर्षण होगा।
- यह मेला निर्यातकों के लिए अपने-अपने उत्पादों का प्रदर्शन करने और विदेशी खरीदारों के लिए खरीदारी के आदेश देने वाला मंच होगा।
- इस आईआईएसएफ-2018 से सिल्क उत्पादन और मिश्रित सिल्क वस्त्रों, कपड़ों, सहायक वस्तुओं और फ्लोर कवरिंग में लगे लघु और मध्यम उद्यमों के लिए 20 मिलियन अमरीकी डॉलर से भी अधिक का व्यापार सृजित होने की उम्मीद है।
- केन्द्रीय सिल्क बोर्ड भारतीय सिल्क उद्योग के भविष्य के विजन को प्रदर्शित करने वाले एक ‘थीम पवेलियन’ को स्थापित कर रहा है। यह मेला खरीदारों और विक्रेताओं तथा आमंत्रित आगंतुकों के लिए ही खुला है।