राष्ट्रीय महिला किसान दिवस-15/अक्टूबर/2018 को

राष्ट्रीय महिला किसान दिवस

स्रोत:- भारत सरकार की प्रेस इन्फॉर्मेशन ब्यूरो और राज्य सभा टीवी, डीडी न्यूज़ संबन्धित संस्था की मुख्य वेबसाइट एवं अन्य निजी समाचार पत्र ( द हिन्दू, टाइम्स ऑफ इंडिया, मिंट, दैनिक जागरण, जनसत्ता इत्यादि )

  • भारत में प्रतिवर्ष 15 अक्टूबर को राष्ट्रीय महिला किसान दिवस के रूप में मनाया जाता है |
  • इसका उद्देश्य कृषि तथा सम्बंधित क्षेत्रों में महिलाओं की भागीदारी में वृद्धि करना है।
  • इस मौके पर केन्द्रीय कृषि मंत्री राधामोहन सिंह ने नई दिल्ली में एक सभा को संबोधित किया।
  • इस इवेंट में महिला किसान, उद्यमी, कृषि संगठनों, कृषि वैज्ञानिकों तथा अनुसंधानकर्ताओं ने भाग लिया।
  • वर्ष 2016 में कृषि मंत्रालय ने 15 अक्टूबर को राष्ट्रीय महिला किसान दिवस के रूप में मनाने का फैसला लिया था।
  • कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री ने बताया कि पिछले वर्ष कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय द्वारा प्रति वर्ष 15 अक्टूबर को राष्ट्रीय महिला किसान दिवस के रूप में मनाने का निर्णय लिया था।
  • निर्णय का आधार था - संयुक्त राष्ट्र संगठन द्वारा 15 अक्टूबर को अन्तराष्ट्रीय महिला दिवस के रूप में मनाना। यही वजह है कि देश के समस्त कृषि विश्वविद्यालयो, संस्थानों एवं के•वी•के• में राष्ट्रीय महिला किसान दिवस मनाया जा रहा है ।
  • कृषि में महिलाओं की भागीदारी को ध्यान में रखते हुए कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय ने वर्ष 1996 में भुवनेश्वर ओडिशा में भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के अंतर्गत केंद्रीय कृषिरत महिला संस्थान (ICAR: Central Institute for Women in Agriculture) की स्थापना की थी।
  • कृषि क्षेत्र के भीतर, सामाजिक-आर्थिक स्थिति और क्षेत्रीय कारकों के आधार पर काम करने वाले वैतनिक मजदूरों अपनी स्वयं की जमीन पर श्रम कर रहीं जोतकार और कटाई पश्चात अभियानों में श्रम पर्यवेक्षण और सहभागिता के जरिए कृषि उत्पादन के विभिन्न पहलुओं के प्रबंधन में भी उनकी महत्वपूर्ण भूमिका हैं।
  • विश्व खाद्य एवं कृषि संगठन के अनुसार भारतीय कृषि में महिलाओं का योगदान करीब 32 प्रतिशत है जबकि कुछ राज्यों (जैसे की पहाड़ी तथा उत्तर-पूर्वी क्षेत्र तथा केरल राज्य) में महिलाओं का योगदान कृषि तथा ग्रामीण अर्थव्यवस्था में पुरुषों से भी ज्यादा है।
  • भारत के 48 प्रतिशत कृषि से संबंधित रोजगार में औरतें हैं जबकि करीब 7.5 करोड महिलाएं दुग्ध उत्पादन तथा पशुधन व्यवसाय से संबंधित गतिविधियों में सार्थक भूमिका निभाती हैं।
  • कृषि में महिलाओं की अहम भागीदारी को ध्यान में रखते हुए कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय ने वर्ष 1996 में भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के अंतर्गत केंद्रीय कृषिरत महिला संस्थान की स्थापना भूनेश्वर में की।
  • यह संस्थान कृषि में महिलाओं से जुड़े विभिन्न आयामों पर कार्य करता है।
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