वैश्विक भुखमरी सूचकांक-2018 ‘ग्लोबल हंगर इंडेक्स-2018’
स्रोत:- भारत सरकार की प्रेस इन्फॉर्मेशन ब्यूरो और राज्य सभा टीवी, डीडी न्यूज़ संबन्धित संस्था की मुख्य वेबसाइट एवं अन्य निजी समाचार पत्र ( द हिन्दू, टाइम्स ऑफ इंडिया,मिंट, दैनिक जागरण, दैनिक भास्कर, जनसत्ता इत्यादि )
नोट:- इस जानकारी का उपयोग केवल शिक्षण कार्य एवं जानकारी के लिए किया जा रहा हैं |
- ‘ग्लोबल हंगर इंडेक्स’ जो इफरी (अंतराष्ट्रीयर खाद्य नीति एवं अनुसंधान संस्थान) द्वारा जारी किया जाता हैं, जिसे अभी 14-अक्टूबर-2018 को जारी किया गया हैं |
- इसमें दुनिया के विभिन्न देशों में खानपान की स्थिति का विस्तृत ब्यौरा दिया गया है और हर साल वैश्विक, क्षेत्रीय तथा राष्ट्रीय स्तर पर भुखमरी का आकलन किया जाता है।
- जीएचआई में भारत इस बार और नीचे गिरकर 103वें रैंक पर आ पहुंच गया है। इस सूची में कुल 119 देश ही हैं।
- 2014 में जहां यह 55 वें रैंक पर था, वहीं 2015 में 80वें, 2016 में 97वें और पिछले साल 100वें और इस बार तीन साढ़ियां और लुढ़क कर 103 पर आ गई है।
- इस बार बेलारूस जहां शीर्ष पहले स्थान पर है, वहीं पड़ोसी देश चीन 25वें, श्रीलंका 67वें और म्यांमार 68वें बांग्लादेश 86वें और नेपाल 72वें रैंक पर है। हम तसल्ली के लिए कह सकते हैं कि पाकिस्तान हमसे नीचे 106वें पायदान पर है।
- रिपोर्ट के मुताबिक दुनिया में 68 मिलियन लोग रिफ्यूजी कैंपों में रह रहे हैं।
- विश्व में भूखे लोगों की कुल संख्या बढ़कर 821 मिलियन हो गई है।
- वैश्विक भूख सूचकांक चार संकेतकों पर विभिन्न देशों की रैंकिंग निर्धारित करता हैः-
- अल्प पोषण (undernourishment),
- बाल कमजोरी (child wasting),
- बौनापन(child stunting) और
- शिशु मृत्यु दर (child mortality)।
- संयुक्त राष्ट्र की एक रिपोर्ट के मुताबिक मौजूदा समय में भारत में विश्व की भूखी आबादी का करीब एक तिहाई हिस्सा निवास करता है और भारत देश में करीब 39 फीसद बच्चे पर्याप्त पोषण से वंचित हैं।