राष्ट्रीय एकता दिवस एवं स्टैच्यू ऑफ यूनिटी
हालिया घटनाक्रम-
- 30-अक्टूबर-2018 को प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने विश्व की सबसे ऊंची प्रतिमा ‘स्टैच्यू ऑफ यूनिटी’ एवं वॉल ऑफ यूनिटी को राष्ट्र को समर्पित किया।
प्रमुख तथ्य-
स्टैच्यू ऑफ यूनिटी-
- 82 मीटर ऊंची विशाल ‘स्टैचू ऑफ यूनिटी’ अमेरिका की ‘स्टैचू ऑफ लिबर्टी’ से दोगुनी ऊंची है और गुजरात के नर्मदा जिले में सरदार सरोवर बांध के पास नर्मदा नदी के टापू साधु बेट टापू पर स्थित है।
- स्टैच्यू ऑफ यूनिटी भारत के प्रथम उप प्रधानमन्त्री तथा प्रथम गृहमन्त्री वल्लभभाई पटेल को समर्पित एक स्मारक है
- गुजरात के तत्कालीन मुख्यमन्त्री नरेन्द्र मोदी ने 31 अक्टूबर 2013 को सरदार पटेल के जन्मदिवस के मौके पर इस विशालकाय मूर्ति के निर्माण का शिलान्यास किया था।
- यह विश्व की सबसे ऊँची मूर्ति है, जिसकी लम्बाई 182 मीटर (597 फीट) है।
- इसके बाद विश्व की दूसरी सबसे ऊँची मूर्ति चीन में स्प्रिंग टैम्पल बुद्ध है, जिसकी आधार के साथ कुल ऊंचाई 208 मीटर (682 फीट) हैं।
- इसका उद्घाटन भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा 31 अक्टूबर 2018 को सरदार पटेल के जन्मदिवस के मौके पर किया गया।
- इस मूर्ति को बनाने के लिये लोहा पूरे भारत के गाँव में रहने वाले किसानों से खेती के काम में आने वाले पुराने और बेकार हो चुके औजारों का संग्रह करके जुटाया गया। लगभग 5 लाख किसानों से लोहा जुटाने का लक्ष्य रखा गया इस अभियान का नाम "स्टैच्यू ऑफ यूनिटी अभियान" दिया गया। संग्रहित किया गया लोहे का उपयोग मुख्य प्रतिमा में किया जाने वाला था, मगर बाद में यह लोहा प्रतिमा में उपयोग नहीं हो सका, और इसे परियोजना से जुड़े अन्य निर्माणों में प्रयोग किया गया।
ऊचाई-
- मूर्ति- 182 मीटर (597 फीट)
- आधार सहित- 240 मीटर (790 फीट)
- निर्माण आरंभ- 31-अक्टूबर-2013
- अभिकल्पना- राम सुतार (Ram Vanji Sutar)
स्रोत:- भारत सरकार की प्रेस इन्फॉर्मेशन ब्यूरो और राज्य सभा टीवी, डीडी न्यूज़ संबन्धित संस्था की मुख्य वेबसाइट एवं अन्य निजी समाचार पत्र ( द हिन्दू, टाइम्स ऑफ इंडिया,मिंट, दैनिक जागरण, दैनिक भास्कर, जनसत्ता इत्यादि ) |
नोट:- इस जानकारी का उपयोग केवल शिक्षण कार्य एवं जानकारी के लिए किया जा रहा हैं |
आगे लगातार भाग-3 में जारी ...........