सरदार वल्लभभाई पटेल का जीवन परिचय
- सरदार पटेल का जन्म 31 अक्टूबर, 1875 को करमसंद, गुजरात में हुआ था
- उन्हें लौहपुरूष एवं भारत के बिस्मार्क के नाम से भी जाना जाता है
- पेशे से वह एक प्रख्यात बैरिस्टर थे, बाद में उन्होंने वकालत छोड़ दी और महात्मा गांधी के नेतृत्व में भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन से जुड़ गए
- उन्होंने गुजरात के बारदोली एवं खेड़ा में हुए किसान आंदोलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी, बारदोली सत्याग्रह के दौरान वहां की महिलाओं ने वल्लभभाई पटेल को सरदार की उपाधि प्रदान की थी
- भारतीय इतिहास में उनका सबसे बड़ा योगदान 1947-49 के दौरान भारत के 500 से अधिक रियासतों के एकीकरण में उनकी भूमिका थी
- उन्हें आधुनिक अखिल भारतीय सेवाओं की स्थापना के कारण भारतीय सिविल सेवकों के संरक्षक संत के रूप में भी याद किया जाता है
- उन्हें मरणोपरांत वर्ष 1991 में भारत का सर्वोच्च नागरिक सम्मान भारत रत्न दिया गया।
स्रोत:- भारत सरकार की प्रेस इन्फॉर्मेशन ब्यूरो और राज्य सभा टीवी, डीडी न्यूज़ संबन्धित संस्था की मुख्य वेबसाइट एवं अन्य निजी समाचार पत्र ( द हिन्दू, टाइम्स ऑफ इंडिया,मिंट, दैनिक जागरण, दैनिक भास्कर, जनसत्ता इत्यादि ) |
नोट:- इस जानकारी का उपयोग केवल शिक्षण कार्य एवं जानकारी के लिए किया जा रहा हैं |