विश्व मुक्केबाजी प्रतियोगिता में मैरी कॉम ने जीता स्वर्ण पदक
समसामयिक घटनाक्रम -
- मैरी कॉम ने 6 बार गोल्ड जीत कर बनी पहली महिला मुक्केबाज |
मुख्य तथ्य-
- 6 बार की विश्व मुक्केबाज़ी चैम्पियन एमसी मैरीकॉम ने दिल्ली में हुए आइबा विश्व महिला मुक्केबाज़ी चैम्पियनशिप के 48 किग्रा भार वर्ग के फ़ाइनल में रिकॉर्ड छठी बार स्वर्ण पदक अपने नाम कर लिया है।
- दिल्ली के डी जाधव स्टेडियम में खेले गए फ़ाइनल में मैरीकॉम ने यूक्रेन की हन्ना ओखोटा को 5-0 से हराकर छठी बार ख़िताब अपने नाम किया।
- मैरीकॉम ने इससे पहले 2002, 2005, 2006, 2008 और 2010 में स्वर्ण पदक जीता था ।
- 2001 में उन्होंने रजत पदक जीता था।
- इस स्वर्ण के साथ उन्होंने क्यूबा के दिग्गज पुरुष मुक्केबाज फेलिक्स सेवोन की बराबरी की जिन्होंने विश्व चैंपियनशिप में सात पदक जीते थे। फेलिक्स (1986-1999) के खाते में भी छह स्वर्ण और एक रजत पदक है।
- इस विश्व चैंपियनशिप से पहले मैरी आयरलैंड की केटी टेलर (पांच स्वर्ण, एक कांस्य) के साथ बराबरी पर थीं।
- मैरीकॉम अब विश्व चैम्पियनशिप में सबसे ज्यादा पदक जीतने वाली दुनिया की पहली महिला मुक्केबाज बन गईं हैं।
मैरीकॉम के अब तक के छह गोल्ड मेडल-
- 2001 (पेंसिल्वेनिया) : सिल्वर
- 2002 (तुर्की): गोल्ड मेडल
- 2005 (रूस): गोल्ड मेडल
- 2006 (दिल्ली): गोल्ड मेडल
- 2008 (चीन): गोल्ड मेडल
- 2010 (बारबाडोस): गोल्ड मेडल
- 2018 (दिल्ली): गोल्ड मेडल
स्रोत:- भारत सरकार की प्रेस इन्फॉर्मेशन ब्यूरो और राज्य सभा टीवी, डीडी न्यूज़ संबन्धित संस्था की मुख्य वेबसाइट एवं अन्य निजी समाचार पत्र ( द हिन्दू, टाइम्स ऑफ इंडिया,मिंट, दैनिक जागरण, दैनिक भास्कर, जनसत्ता इत्यादि ) |
नोट:- इस जानकारी का उपयोग केवल शिक्षण कार्य एवं जानकारी के लिए किया जा रहा हैं |