एचवाईएसआईएस और 30 विदेशी उपग्रहों का सफल प्रक्षेपण
समसामयिक घटनाक्रम-
- भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के ध्रुवीय उपग्रह प्रक्षेपण यान (पीएसएलवी-सी43) ने श्रीहरिकोटा के सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से 31 उपग्रहों का सफलतापूर्वक प्रक्षेपण किया।
प्रमुख बिन्दु-
- पीएसएलवी-सी43 ने भारत के हाईपर-स्पैक्ट्रल इमेजिंग उपग्रह (हाईसिस) को 645 किलोमीटर के सन-सिंक्रोनस ध्रुवीय कक्ष में स्थापित कर दिया।
- इसके बाद, यान के चौथे चरण वाले इंजनों को दोबारा स्टार्ट करके 30 विदेशी उपग्रहों को उनके मनोनुकूल कक्ष में स्थापित किया गया।
- उड़ान भरने से लेकर एक घंटा, 49 मिनट के बाद अंतिम उपग्रह को इसके निर्धारित कक्ष में स्थापित किया गया।
- एचवाईएसआईएस एक पृथ्वी पर्यवेक्षण उपग्रह है। इसे इसरो के मिनी उपग्रह-2 के तर्ज पर बनाया गया है। इसका वजन लगभग 380 किलोग्राम है। उपग्रह का मिशन लाइफ पांच वर्ष है।
- विद्युत चुम्बकीय स्पैक्ट्रम के इन्फ्रारेड और शॉर्टवेव इन्फ्रारेड क्षेत्रों के निकट दोनों दृश्यमान क्षेत्रों में पृथ्वी की सतह का अध्ययन करना एचवाईएसआईएस का प्राथमिक लक्ष्य है।
- उपग्रह से प्राप्त आंकड़े का इस्तेमाल कृषि, वन, मृदा/भूगर्भीय पर्यावरण, समुद्रतटीय क्षेत्रों और अन्तर्देशीय जल संसाधनों आदि सहित अनेक क्षेत्र में किया जाएगा।
- एचवाईएसआईएस के समूह में एक वृहद और 8 देशों के 29 लघु उपग्रह शामिल थे।
स्रोत:- भारत सरकार की प्रेस इन्फॉर्मेशन ब्यूरो और राज्य सभा टीवी, डीडी न्यूज़ संबन्धित संस्था की मुख्य वेबसाइट एवं अन्य निजी समाचार पत्र ( द हिन्दू, टाइम्स ऑफ इंडिया,मिंट, दैनिक जागरण, दैनिक भास्कर, जनसत्ता इत्यादि ) |
नोट:- इस जानकारी का उपयोग केवल शिक्षण कार्य एवं जानकारी के लिए किया जा रहा हैं |