अधिकृत 10 एजेंसियां जो फोन और कंप्यूटर डाटा की जांच कर सकेंगी
चर्चा का कारण-
- सरकार ने 10 जांच एजेन्सियों को राष्ट्रीय सुरक्षा के संदर्भ में किसी भी व्यक्ति के टेलीफोन और कंप्यूटर डाटा की जांच के लिए अधिकृत किया है ।
मुख्य बिन्दु-
- सरकार ने 10 जांच एजेन्सियों को राष्ट्रीय सुरक्षा के संदर्भ में किसी भी व्यक्ति के टेलीफोन और कंप्यूटर डाटा की जांच के लिए अधिकृत किया है, लेकिन इसके लिए पहले की तरह गृह मंत्रालय से अनुमति लेना जरूरी होगा ।
- गृह मंत्रालय के जारी एक वक्तव्य के अनुसार- 21 दिसंबर 2018 को जारी आदेश, वर्ष 2009 में संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (यूपीए) सरकार द्वारा बनाये गये और तब से प्रचलित नियमों पर ही आधारित है ।
- इस आदेश में किसी भी जांच एजेन्सी को नये अधिकार नहीं दिये गये हैं ।
- आदेश से संबंधी अधिसूचना सेवा प्रदाताओं और मध्यवर्ती संस्था आदि को सूचित करने और मौजूदा आदेशों को संहिताबद्ध करने के लिए जारी की गयी थी ।
आईटी एक्ट-
- आईटी एक्ट की धारा-69 (1) के तहत 10 एजेंसियां किसी भी कंप्यूटर से जेनरेट, ट्रांसमिट या रिसीव हुए डाटा और उसमें स्टोर किसी भी दस्तावेज को देख सकेंगी ।
- धारा-69(1) के अनुसार देश की सुरक्षा, अखंडता, दूसरे देशों से दोस्ताना रिश्ते रखने या अपराध रोकने के लिए किसी डाटा की जांच की जरूरत है तो संबंधित एजेंसी को निर्देश दे सकते हैं, इसमें कंप्यूटर बेस्ड कॉल और फोन का डाटा भी शामिल हैं ।
- इस जांच लिए अधिकृत एजेंसियों को फिर भी केंद्रीय गृह सचिव की मंजूरी लेनी पड़ेगी, पहले भी टेलिग्राफ एक्ट में यह मंजूरी जरूरी थी ।
- किसी भी तरह की फोन या कंप्यूटर सर्विस देने वालों को आदेश मानना होगा. न मानने की स्थिति में सात साल सजा या जुर्माना या दोनों लग सकता है ।
स्रोत:- भारत सरकार की प्रेस इन्फॉर्मेशन ब्यूरो और राज्य सभा टीवी, डीडी न्यूज़ संबन्धित संस्था की मुख्य वेबसाइट एवं अन्य निजी समाचार पत्र ( द हिन्दू, टाइम्स ऑफ इंडिया,मिंट, दैनिक जागरण, दैनिक भास्कर, जनसत्ता इत्यादि ) |
नोट:- इस जानकारी का उपयोग केवल शिक्षण कार्य एवं जानकारी के लिए किया जा रहा हैं |
आगे लगातार जारी भाग- 2 में ...............