स्टार्ट-अप रैंकिंग 2018
चर्चा का कारण-
- औद्योगिक नीति एवं संवर्धन विभाग (डीआईपीपी) ने 20 दिसंबर 2018 को नई दिल्ली में राज्यों की स्टार्ट-अप रैंकिंग 2018 के परिणाम घोषित किए जो अपने आप में इस तरह की पहली रैंकिंग है ।
मुख्य बिन्दु-
- औद्योगिक नीति एवं संवर्धन विभाग (डीआईपीपी) ने 20 दिसंबर 2018 को नई दिल्ली में राज्यों की स्टार्ट-अप रैंकिंग 2018 के परिणाम घोषित कर दिए ।
- यह अपने तरह की पहली रैंकिंग है ।
- डीआईपीपी ने इसकी शुरुवात जनवरी 2016 से शुरू कर दी थी।
- डीआईपीपी ने 7 रिफॉर्म एरिया और 38 एक्शन प्लान के आधार कई तरह के सर्वे और इंडस्ट्री फीडबैक के साथ यह रैंकिंग तैयार की है।
- देशभर में 2 लाख से ज्यादा स्टार्टअप्स रजिस्टर्ड हैं, लेकिन डीआईआईपी ने 8625 स्टार्टअप्स को ही इस रैंकिंग के लिए मान्यता दी है।
उद्देश्य-
- औद्योगिक नीति एवं संवर्द्धन विभाग (डीआईपीपी) द्वारा उभरते उद्यमियों के लिए राज्यों द्वारा अधिक अनुकूल तंत्र विकसित कराने के प्रदर्शन के आधार पर रैंकिंग जारी की गई है ।
- इसका मकसद देश में उभरते उद्यमियों को प्रोत्साहन देना है ।
- योजना के तहत कर अवकाश और पूंजीगत लाभ कर की छूट दी जा जाएगी ।
विभिन्न श्रेणियों में राज्यों का आकलन-
- स्टार्ट-अप नीति नेतृत्व, नवाचार, नवाचार प्रगति, संचार, पूर्वोत्तर नेतृत्व, पर्वतीय राज्य नेतृत्व इत्यादि विभिन्न श्रेणियों में राज्यों का आकलन किया गया ।
- इन श्रेणियों में किए जाने वाले प्रदर्शन के आधार पर राज्यों को शानदार प्रदर्शन, बेहतरीन प्रदर्शन, मार्गदर्शक, आकांक्षी मार्गदर्शक, उभरते हुए राज्य और आरंभकर्ता के रूप में पहचान की गई है ।
स्रोत:- भारत सरकार की प्रेस इन्फॉर्मेशन ब्यूरो और राज्य सभा टीवी, डीडी न्यूज़ संबन्धित संस्था की मुख्य वेबसाइट एवं अन्य निजी समाचार पत्र ( द हिन्दू, टाइम्स ऑफ इंडिया,मिंट, दैनिक जागरण, दैनिक भास्कर, जनसत्ता इत्यादि ) |
नोट:- इस जानकारी का उपयोग केवल शिक्षण कार्य एवं जानकारी के लिए किया जा रहा हैं |
इसी क्रम में आगे भाग -2 में जारी.............