वैश्विक लैंगिक अंतराल रिपोर्ट- 2018 भाग-1

वैश्विक लैंगिक अंतराल रिपोर्ट- 2018 भाग-1

चर्चा का कारण-

  • हाल ही में विश्व आर्थिक मंच (World Economic Forum- WEF) ने वैश्विक लैंगिक अंतराल रिपोर्ट- 2018 (Gender Gap Report- 2018) जारी की है।

मुख्य बिन्दु-

  • विश्व आर्थिक मंच (World Economic Forum- WEF)  द्वारा  वैश्विक लैंगिक अंतराल रिपोर्ट- 2018 (Gender Gap Report- 2018) जारी की गयी है।
  • वैश्विक लैंगिक अंतराल रिपोर्ट विश्व आर्थिक मंच (World Economic Forum) द्वारा जारी की जाती है ।
  • वैश्विक लैंगिक अंतराल सूचकांक निम्नलिखित चार क्षेत्रों में लैंगिक अंतराल का परीक्षण करता है।
  1. आर्थिक भागीदारी और अवसर 
  2. शैक्षिक उपलब्धियाँ 
  3. स्वास्थ्य एवं उत्तरजीविता 
  4. राजनीतिक सशक्तीकरण 
  • यह सूचकांक 0 से 1 के मध्य विस्तारित है।
  • इसमें 0 का अर्थ पूर्ण लिंग असमानता तथा 1 का अर्थ पूर्ण लैंगिक समानता है।
  • पहली बार लैंगिक अंतराल सूचकांक वर्ष 2006 में जारी किया गया था।
  • WEF द्वारा जारी इस रिपोर्ट में भारत को समग्र रूप से 0.665 अंकों के साथ 108वाँ स्थान हासिल हुआ है।
  • वर्ष 2017 में भी भारत इस रिपोर्ट में 108वें स्थान पर था।
  • लैंगिक असमानता का तात्पर्य लैंगिक आधार पर महिलाओं के साथ भेद-भाव से है।
  • वैश्विक स्तर पर लैंगिक अंतराल को 68.0% तक कम किया गया है ।
  • दुनिया में अभी भी औसतन 32.0% लैंगिक अंतराल व्याप्त है।
  • कुल 89 देशों में लैंगिक अंतराल को कम करने की दिशा में सुधारात्मक और दिशात्मक प्रवृत्ति देखी गई है।
  • रिपोर्ट में शामिल चार उप-सूचकांकों में सबसे अधिक लैंगिक असमानता राजनीतिक सशक्तीकरण के मामले में है जो वर्तमान में 77.1% है।

स्रोत:- भारत सरकार की प्रेस इन्फॉर्मेशन ब्यूरो और राज्य सभा टीवी, डीडी न्यूज़ संबन्धित संस्था की मुख्य वेबसाइट एवं अन्य निजी समाचार पत्र ( द हिन्दू, टाइम्स ऑफ इंडिया,मिंट, दैनिक जागरण, दैनिक भास्कर, जनसत्ता इत्यादि ) |

नोट:- इस जानकारी का उपयोग केवल शिक्षण कार्य एवं जानकारी के लिए किया जा रहा हैं |

इसी क्रम में आगे जारी भाग-2 में..............

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