वैश्विक लैंगिक अंतराल रिपोर्ट- 2018 भाग-2
चर्चा का कारण-
- हाल ही में विश्व आर्थिक मंच (World Economic Forum- WEF) ने वैश्विक लैंगिक अंतराल रिपोर्ट- 2018 (Gender Gap Report- 2018) जारी की है।
मुख्य बिन्दु-
- दूसरी सबसे अधिक लैंगिक असमानता वाला क्षेत्र आर्थिक भागीदारी और अवसर है जो वर्तमान में 41.9% के स्तर पर है।
- शिक्षा प्राप्ति तथा स्वास्थ्य एवं उत्तरजीविता में यह अंतराल क्रमशः 4.4% और 4.6% है।
- शिक्षा-विशिष्ट लिंग अंतर अगले 14 वर्षों के भीतर समाप्त होकर समानता के मार्ग पर अग्रसर है।
- स्वास्थ्य के क्षेत्र में लैंगिक अंतराल में भले ही 2006 के बाद थोड़ी वृद्धि हुई हो, लेकिन वैश्विक रूप से यह लगभग समाप्त हो गया है मूल्यांकन में शामिल देशों के तीसरे हिस्से में यह पूरी तरह से समाप्त हो चुका है।
राजनीतिक-आर्थिक नेतृत्व के आधार पर मूल्यांकन-
- मूल्यांकन में शामिल किये गए 149 देशों में केवल 17 देश ऐसे हैं जहाँ वर्तमान में महिलाएँ राज्य की मुखिया हैं, जबकि औसतन 18% मंत्री और 24% संसद सदस्य वैश्विक रूप से महिलाएँ हैं।
- इसी तरह जिन देशों के बारे डेटा उपलब्ध है वहाँ केवल 34% प्रबंधकीय पदों पर महिलाएँ नियुक्त हैं ।
- सबसे खराब प्रदर्शन करने वाले चार वाले देशों (मिस्र, सऊदी अरब, यमन और पाकिस्तान) में यह आँकड़ा 7% से कम है।
- इस सूचकांक में पूर्ण समानता पहले से ही पाँच देशों (बहामा, कोलंबिया, जमैका, लाओ पीडीआर और फिलीपींस) में एक वास्तविकता है ।
- 19 देश ऐसे हैं जहाँ प्रबंधकीय पदों पर कम-से-कम 40% महिलाएँ हैं।
व्यापक आर्थिक शक्ति के आधार पर-
- केवल 60% देशों में महिलाओं की पुरुषों के समान वित्तीय सेवाओं तक पहुँच है ।
- मूल्यांकन में शामिल देशों में से केवल 42% देशों में भू-स्वामित्व का अधिकार महिलाओं के पास है।
- 29 देशों में (जिनके लिये डेटा उपलब्ध है) घर के काम और अवैतनिक गतिविधियों में महिलाएँ औसतन पुरुषों की तुलना में दोगुना अधिक समय व्यतीत करती हैं।
स्रोत:- भारत सरकार की प्रेस इन्फॉर्मेशन ब्यूरो और राज्य सभा टीवी, डीडी न्यूज़ संबन्धित संस्था की मुख्य वेबसाइट एवं अन्य निजी समाचार पत्र ( द हिन्दू, टाइम्स ऑफ इंडिया,मिंट, दैनिक जागरण, दैनिक भास्कर, जनसत्ता इत्यादि ) |
नोट:- इस जानकारी का उपयोग केवल शिक्षण कार्य एवं जानकारी के लिए किया जा रहा हैं |
इसी क्रम में आगे जारी भाग-3 में..............