वैश्विक लैंगिक अंतराल रिपोर्ट- 2018 भाग-3
चर्चा का कारण-
- हाल ही में विश्व आर्थिक मंच (World Economic Forum- WEF) ने वैश्विक लैंगिक अंतराल रिपोर्ट- 2018 (Gender Gap Report- 2018) जारी की है।
मुख्य बिन्दु-
शिक्षा के क्षेत्र में लैंगिक अंतराल-
- 44 देशों में 20% से अधिक महिलाएँ अशिक्षित हैं।
- औसतन 65% लड़कियाँ और 66% लड़कों ने वैश्विक स्तर पर माध्यमिक शिक्षा में दाखिला लिया है, जबकि केवल 39% महिलाएँ और 34% पुरुष कॉलेज या विश्वविद्यालय में हैं।
कृत्रिम बुद्धिमत्ता के क्षेत्र-
- आज के श्रम बाज़ारों में तेज़ी से बदलाव के चलते इस वर्ष विश्लेषण आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के क्षेत्र में लैंगिक अंतराल का भी मूल्यांकन किया गया।
- लिंक्डइन (LinkedIn,) के सहयोग के आधार पर यह निष्कर्ष निकाला गया कि वैश्विक स्तर पर AI पेशेवरों में केवल 22% महिलाएँ हैं, जबकि 78% पुरुष हैं।
रिपोर्ट के निष्कर्ष-
- सबसे अधिक लैंगिक समानता वाला देश आइसलैंड (Iceland) है।इसने कुल लैंगिक अंतराल में 85% से अधिक कमी की है।
- आइसलैंड के बाद नॉर्वे (83.5%), स्वीडन और फिनलैंड (82.2%) आते हैं।
- शीर्ष 10 देशो की सूची निम्नलिखित हैं -
- आइसलैंड
- नॉर्वे
- स्वीडन
- फ़िनलैंड
- निकारगुआ
- रवांडा
- न्यूजीलैंड
- फिलीपींस
- आयरलैंड
- नामीबिया
- भारत के पड़ोसी देशों में बांग्लादेश 48वें स्थान पर, श्रीलंका 100वें स्थान पर, चीन 103वें स्थान पर, नेपाल 105वें स्थान पर, भूटान 122वें स्थान पर तथा पाकिस्तान 148वें स्थान पर है।
- रिपोर्ट के अनुसार, यदि मौज़ूदा रुझानों को भविष्य से जोड़कर देखा जाए तो वैश्विक लैंगिक अंतराल के पहले संस्करण के बाद से दुनिया के 106 देशों में लैंगिक असमानता को समाप्त होने में 108 वर्षों का समय लगेगा।
- सबसे अधिक चुनौतीपूर्ण लैंगिक अंतराल वाले क्षेत्र आर्थिक और राजनीतिक सशक्तीकरण हैं जिन्हें समाप्त होने में क्रमश: 202 और 107 वर्षों का समय लगेगा।
स्रोत:- भारत सरकार की प्रेस इन्फॉर्मेशन ब्यूरो और राज्य सभा टीवी, डीडी न्यूज़ संबन्धित संस्था की मुख्य वेबसाइट एवं अन्य निजी समाचार पत्र ( द हिन्दू, टाइम्स ऑफ इंडिया,मिंट, दैनिक जागरण, दैनिक भास्कर, जनसत्ता इत्यादि ) |
नोट:- इस जानकारी का उपयोग केवल शिक्षण कार्य एवं जानकारी के लिए किया जा रहा हैं |
इसी क्रम में आगे जारी भाग-4 में..............