भारत के नए निर्वाचन आयुक्त की नियुक्ति एवं निर्वाचन आयोग

भारत के नये मुख्य निर्वाचन आयुक्त की नियुक्त

चर्चा का कारण-

• हाल ही में श्री सुनील अरोड़ा को दिनांक 02 दिसम्‍बर, 2018 को श्री ओ.पी.रावत के पश्‍चात, भारत के 23वें मुख्‍य निर्वाचन आयुक्‍त के रूप में नियुक्त किया गया हैं ।

प्रमुख बिन्दु-

• हाल ही में श्री सुनील अरोड़ा को दिनांक 02 दिसम्‍बर, 2018 को श्री ओ.पी.रावत के पश्‍चात, भारत के 23वें मुख्‍य निर्वाचन आयुक्‍त के रूप में नियुक्त किया गया हैं ।

• श्री रावत ने अपना कार्यकाल पूरा करने के पश्‍चात पद त्‍याग दिया है।

भारतीय निर्वाचन आयोग के बारे में-

• भारत निर्वाचन आयोग (Election Commission of India) एक स्वायत्त एवं अर्ध-न्यायिक संस्थान है ।

• इसका गठन भारत में स्वतंत्र एवं निष्पक्ष रूप से विभिन्न प्रातिनिधिक संस्थानों में प्रतिनिधि चुनने(अर्थात चुनाव करवाने) के लिए गया था। 

• भारतीय चुनाव आयोग की स्थापना 25 जनवरी 1950 को की गयी थी।

चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति एवं कार्यावधि-

• मुख्य चुनाव आयुक्त और अन्य चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति भारत का राष्ट्रपति करता है। 

• मुख्य चुनाव आयुक्त का कार्यकाल 6 वर्ष या आयु 65 साल (जो पहले पूरी हो) का होता है ।

• जबकि अन्य चुनाव आयुक्तों का कार्यकाल 6 वर्ष या आयु 62 साल (जो पहले हो) का होता हैं। 

• चुनाव आयुक्त का सम्मान और वेतन भारत के सर्वोच्च न्यायलय के न्यायधीश के सामान होता है। 

• मुख्य चुनाव आयुक्त को संसद द्वारा महाभियोग के द्वारा ही हटाया जा सकता हैं।

• भारत निर्वाचन आयोग के पास विधानसभा, लोकसभा, राज्यसभा और राष्ट्रपति आदि चुनाव से सम्बंधित नियंत्रण कारी शक्ति होती है जबकि ग्रामपंचायत, नगरपालिका, महानगर परिषद् और तहसील एवं जिला परिषद् के चुनाव की नियंत्रण कारी शक्ति सम्बंधित राज्य निर्वाचन आयोग के पास होती है।

निर्वाचन आयोग का कार्य तथा कार्यप्रणाली-

• निर्वाचन आयोग के पास यह उत्तरदायित्व है कि वह निर्वाचनॉ का पर्यवेक्षण, निर्देशन तथा आयोजन करवाये जिसमें राष्ट्रपति उपराष्ट्रपति, संसद, राज्यविधानसभा के चुनाव भी शामिल हैं ।

• निर्वाचक नामावली तैयार करवाना एवं उसमे अद्दतन करवाना जिससे नए मतदाता को शामिल किया जा सके ।

• राजनैतिक दलॉ का पंजीकरण करना ।

• राजनैतिक दलॉ का राष्ट्रीय, राज्य स्तर के दलॉ के रूप मे वर्गीकरण, मान्यता देना, दलॉ-निर्दलीयॉ को चुनाव चिन्ह प्रदान करना ।

• सांसद/विधायक की अयोग्यता (दल बदल को छोडकर) पर राष्ट्रपति/राज्यपाल को सलाह देना ।

• गलत निर्वाचन उपायों का उपयोग करने वाले व्यक्तियॉ को निर्वाचन के लिये अयोग्य घोषित करना इत्यादि ।

स्रोत:- भारत सरकार की प्रेस इन्फॉर्मेशन ब्यूरो और राज्य सभा टीवी, डीडी न्यूज़ संबन्धित संस्था की मुख्य वेबसाइट एवं अन्य निजी समाचार पत्र ( द हिन्दू, टाइम्स ऑफ इंडिया,मिंट, दैनिक जागरण, दैनिक भास्कर, जनसत्ता इत्यादि ) |

नोट:- इस जानकारी का उपयोग केवल शिक्षण कार्य एवं जानकारी के लिए किया जा रहा हैं |

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