आकांक्षी जिला की दूसरी डेल्टा रैंकिंग

आकांक्षी जिलों की दूसरी डेल्‍टा रैंकिंग

नीति आयोग

चर्चा का कारण-

• जून से लेकर अक्‍टूबर, 2018 तक के महीनों के दौरान बेहतर प्रदर्शन के आधार पर आकांक्षी जिलों की रैंकिंग की गई

• रैंकिंग में ‘परिवारों के बीच कराए गए सर्वेक्षणों’ के सत्‍यापित आंकड़े पहली बार शामिल किए गए हैं ।

प्रमुख बिन्दु- 

• नी‍ति आयोग ने आकांक्षी जिलों के लिए दूसरी डेल्‍टा रैंकिंग जारी की जिसके तहत 1 जून, 2018 से लेकर 31 अक्‍टूबर, 2018 के बीच स्‍वास्‍थ्‍य एवं पोषण, शिक्षा, कृषि एवं जल संसाधन, वित्‍तीय समावेश, कौशल विकास और मूल बुनियादी ढांचे से जुड़े छह विकास क्षेत्रों में इन जिलों द्वारा की गई प्रगति को मापा गया है।

• ‘परिवारों के बीच कराए गए सर्वेक्षणों’ के मान्य डेटा रैंकिंग में शामिल किए गए हैं। 

• ये सर्वेक्षण नीति आयोग के ज्ञान साझेदारों जैसे कि टाटा ट्रस्‍ट्स और बिल एंड मेलिंदा गेट्स फाउंडेशन (आईडीइनसाइट) द्वारा कराए गए हैं। 

• ये सर्वेक्षण जून माह के दौरान सभी आकांक्षी जिलों में कराए गए जिनके तहत 1,00,000 से भी अधिक परिवारों को कवर किया गया।

• जून और अक्टूबर 2018 के दौरान संयुक्त रूप से हुई बेहतरी को ध्‍यान में रखते हुए डेल्‍टा रैंकिंग की गणना पारदर्शी ढंग से की गई है।

समग्र रैंकिंग में सर्वाधिक बेहतरी दर्शाने वाले जिले निम्‍नलिखित हैं :

रैंक जिला राज्‍य

1 विरुधुनगर तमिलनाडु

2 नुआपाड़ा ओडिशा

3 सिद्धार्थनगर उत्‍तर प्रदेश

4 औरंगाबाद बिहार

5 कोरापुट ओडिशा

• दूसरी डेल्‍टा रैंकिंग में जून-अक्‍टूबर 2018 के दौरान सबसे कम बेहतरी दर्शाने वाले निम्‍नलिखित जिलों का भी विवरण दिया गया है :

रैंक- जिला -राज्‍य

107 -किफायर -नगालैंड

108 -गिरिडीह- झारखंड

109- चतरा- झारखंड

110 -हैलाकांडी -असम

111 -पाकुड़ -झारखंड

• जिन जिलों ने जून और अक्‍टूबर 2018 के बीच बड़ी पहल की है और अपने-अपने स्‍कोर में गुणात्‍मक छलांग लगाई है उन्‍हें ‘फास्‍ट मूवर्स’ की संज्ञा दी गई है :

जिला, राज्‍य जून 2018 अक्‍टूबर 2018

कुपवाड़ा,

जम्‍मू-कश्‍मीर 108 7

रांची,

झारखंड

  106 10

सिद्धार्थनगर,

उत्‍तर प्रदेश 103 3

जमुई,

बिहार 

  99 9

फतेहपुर,

उत्‍तर प्रदेश 82 25

डेल्टा रैंकिंग की शुरुआत

• नीति आयोग ने आकांक्षी ज़िलों की पहली डेल्टा रैंकिंग जून 2018 में जारी की थी जिसमें 31 मार्च, 2018 से 31 मई, 2018 के बीच नीति आयोग द्वारा स्वयं दर्ज किये गए आँकड़ों के आधार पर रैंकिंग की गई थी।

• यह रैंकिंग आकांक्षी ज़िलों में स्वास्थ्य और पोषण, शिक्षा, कृषि एवं जल संसाधन, वित्तीय समावेशन, कौशल विकास तथा बुनियादी अवसंरचना जैसे विकासात्मक क्षेत्रों में वृद्धिशील प्रगति दर्शाने के लिये शुरू की गई थी।

आकांक्षी ज़िला कार्यक्रम

• आकांक्षी ज़िला कार्यक्रम की शुरूआत 5 जनवरी, 2018 को हुई थी।

• इसका उद्देश्‍य उन ज़िलों में तेज़ी से बदलावा लाना है, जिन्‍होंने प्रमुख सामाजिक क्षेत्रों में तुलनात्‍मक रूप से कम प्रगति की है और वे अल्‍पविकसित ज़िलों के रूप में उभरकर सामने आए हैं, जिसके कारण वे संतुलित क्षेत्रीय विकास सुनिश्चित करने की राह में चुनौती बने हुए हैं।

स्रोत:- भारत सरकार की प्रेस इन्फॉर्मेशन ब्यूरो और राज्य सभा टीवी, डीडी न्यूज़ संबन्धित संस्था की मुख्य वेबसाइट एवं अन्य निजी समाचार पत्र ( द हिन्दू, टाइम्स ऑफ इंडिया,मिंट, दैनिक जागरण, दैनिक भास्कर, जनसत्ता इत्यादि ) |
नोट:- इस जानकारी का उपयोग केवल शिक्षण कार्य एवं जानकारी के लिए किया जा रहा हैं |

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