भारत में हिंदू धर्म भाग 1
भूमिका :- भारतीय उपमहाद्वीप में विभिन्न धर्मों की एक विस्तृत श्रृंखला उपस्थित है जिनके द्वारा यहां रहने वाले लोगों के नैतिकता और आचार संबंधी मूल्यों का निर्धारण होता है कई समुदाय आपस में मिल जुल कर रहते हैं तथा हमें भांति भांति के धर्म देखने को मिलते हैं ।
प्रत्येक धर्म की आध्यात्मिकता पवित्र ग्रंथों तथा उन मूर्ति स्थलों में निहित है जहां लोग प्रार्थना करने को एकत्र होते हैं ।
हिंदू धर्म
- हिंदू धर्म देश के विशालतम धर्मों में से एक है किंतु इसकी परिधि में विभिन्न प्रकार के मत तथा पंत पाए जाते हैं।
- हिंदुत्व शब्द की उत्पत्ति हिंदू नामक शब्द से हुई है । जिसे सिंधु नदी के आसपास के भौगोलिक क्षेत्र में निवास करने वाले लोगों को संबोधित करने के लिए प्रयुक्त किया जाता था ।
- मूल रूप से हिंदू धर्म के मुख्य सिद्धांतों को पूर्व वैदिक तथा वैदिक धार्मिक दर्शनों से लिया गया है ।
- श्रुति या मनीषियों और ऋषि यों द्वारा उद्घाटित हुई थी ।
- प्राचीनतम वेद ऋग्वेद है ।
- वेद मुख्य रूप से चार हैं जिनमें पहला ऋग्वेद सामवेद यजुर्वेद और अथर्ववेद हैं ।
- ऋग्वेद में ही अग्नि इंद्र वायु सोम इत्यादि देवी देवताओं की स्तुति में गाए गए अनेक दोहे मिलते हैं ।
- जिनकी संख्या 1000 से भी अधिक है ।
- सामवेद का विषय वस्तु संगीत तथा भजन है ।
- यजुर्वेद में ऋग्वेद से संबंधित यज्ञ स्रोत दिए गए हैं अर्थात यज्ञ कैसे किया जाए किन विधियों से किया जाए इसका उल्लेख किया गया है ।
- अथर्ववेद में जादू टोना तथा औषधियों के विषय पर प्रकाश डाला गया है ।
स्रोत -विभिन्न पाठ्यपुस्तक ।
आगे जारी भाग-2 में...........