भारत में हिंदू धर्म भाग 6
वैष्णो धर्म
- वैष्णो धर्म के विषय में प्रारंभिक जानकारी उपनिषदों से मिलती है ।
- इसका विकास भगवत धर्म से हुआ है नारायण के पूजत मूलतः पंचारात्र कहे जाते थे ।
- किसना का उल्लेख सर्वप्रथम छान्दोग्य उपनिषद में देवकी पुत्र और अंगी रस के शिष्य के रूप में हुआ है ।
- वासुदेव के साथ का सबसे प्रारंभिक का अभिलेखीय उल्लेख बेसनगर स्तंभ अभिलेख में पाया गया है ।
- विष्णु के 10 अवतारों का उल्लेख मत्स्य पुराण में मिलता है ।
- भगवान विष्णु के 10 अवतार निम्नलिखित है-
- मत्स्य
- कूर्म
- वराह
- नरसिंह
- वामन
- परशुराम
- राम
- बलराम
- बुद्ध
- कल्कि
- वैष्णो धर्म मैं ईश्वर को प्राप्त करने के लिए सर्वाधिक महत्व भक्ति को दिया गया है ।
- भगवान विष्णु के सुदर्शन चक्र में छा तीलियाँ हैं ।
वैष्णो परंपरा के अंतर्गत प्रमुख संप्रदाय-
वरकारी पंथ या वरकरी संप्रदाय :-
- इस समुदाय के अनुयाई भगवान विष्णु के विठोबा के रूप हुए अवतार के भक्त होते हैं और इनकी पूजा पद्धति काा केंद्र महाराष्ट्रर पंढरपुर में स्थित विठोबा का मंदिर है ।
- इस संप्रदाय में शराब और तंबाकू के प्रति कठोर निषेध होता है ।
- उनकी वार्षिक तीर्थयात्रा वारी में रोचक आयोजन होते हैं ।
- इस संप्रदाय के अंतर्गत प्रमुख व्यक्तियों में ज्ञानेश्वर नामदेव एकनाथ और तुकाराम सम्मिलित हैं ।
स्रोत विभिन्न पुस्तक
इसी क्रम में आगे जारी भाग 7...........