भारत में हिंदू धर्म भाग 7
वैष्णव परंपरा के अंतर्गत प्रमुख संप्रदाय
रामानंदी संप्रदाय
- इस परंपरा के अनुयाई अद्वैत विद्वान रामानंद की शिक्षाओं का अनुपालन करते हैं ।
- यह एशिया में हिंदू धर्म के भीतर सबसे बड़ा मठ समूह है एवं इन वैष्णो साधुओं को रामानंदी वैरागी या बैरागी कहा जाता है ।
- श्री राम जी की पूजा करते हैं जो विष्णु के 10 अवतारों में से एक है।
ब्रह्म संप्रदाय:-
- यह पार ब्रह्म या सारभौम निर्माता भगवान के विष्णु उपासक होते हैं ।
- इसके संस्थापक माधवाचार्य थे ।
पुष्टिमार्ग संप्रदाय :-
- या वल्लभाचार्य द्वारा लगभग 1500 ईसवी में स्थापित वैष्णव संप्रदाय है ।
- इन का दर्शन है कि परम सत्य केवल एक एवं एकमात्र ब्रह्म है ।
- इनकी भक्ति भगवान के कृष्ण के लिए शुद्ध प्रेम पर आधारित है ।
- सभी अनुयायियों श्री कृष्ण के अपने व्यक्तिगत पति की पूजा अर्चना करने की अपेक्षा की जाती है ।
शैव धर्म
- भगवान शिव की पूजा करने वालों को शैव एवं शिव से संबंधित धर्म को शैव धर्म कहा जाता है ।
- शिवलिंग उपासना का प्रारंभिक पुरातात्विक साक्ष्य हड़प्पा संस्कृति के अवशेषों से मिलता है जिसमें वह लिंग पूजा के समर्थक प्रतीत होते हैं ।
- ऋग्वेद में शिव के लिए रूद्र नामक देवता का उल्लेख किया गया है ।
- अथर्ववेद में शिव को भाव सर्व पशुपति एवं भूपति कहा गया है ।
- लिंग पूजा का पहला स्पष्ट वर्णन मत्स्य पुराण में मिलता है ।
- महाभारत के अनुशासन पर्व से भी लिंग पूजा का वर्णन मिलता है ।
स्रोत विभिन्न पाठ्यपुस्तक
भारत में हिंदू धर्म आगे इसी क्रम में जारी भाग 8.......…..