भारत में हिंदू धर्म भाग 8 (शैव धर्म भाग-2)

भारत में हिंदू धर्म भाग 8

हिंदू धर्म के विभिन्न अंग

शैव धर्म भाग 2

प्रमुख तथ्य :-

  • लिंग पूजा का स्पष्ट पहला उदाहरण या वर्णन मत्स्य पुराण में मिलता है ।
  • वामन पुराण में शिव संप्रदाय की संख्या 4 बताई गई है -
  1. पशुपत :- पशुपति संप्रदाय सहयोग का सर्वाधिक प्राचीन संप्रदाय है इसके संस्थापक लाकुलिश थे जिन्हें भगवान शिव के 18 अवतारों में से एक माना जाता है । 
  2. कापालिक :- कापालिक संप्रदाय के इष्टदेव भैरव थे इस संप्रदाय का प्रमुख केंद्र श्रीशैल नामक स्थान था ।
  3. काला मुख :- काला मुख्य संप्रदाय के अनुयायियों को शिव पुराण में महाभारत धर कहा गया है इस संप्रदाय के लोग नरक कपाल में ही भोजन जल तथा सूरा पान करते हैं और साथ ही अपने शरीर पर चीता की भस्म मरते हैं ।
  4. लिंगायत :- लिंगायत संप्रदाय दक्षिण में प्रचलित था जीने जंगम भी कहा जाता था इस संप्रदाय के लोग शिवलिंग की उपासना करते थे ।

सिद्ध :-

  • यह व्यापक रूप से सिद्धू नाथो, तपस्वी , साधु या योगियों के रूप में संदर्भित किए जाते हैं ।
  • यह सभी साधना का अभ्यास करते हैं ।
  • सिद्ध द्वारा कथित रूप से आध्यात्मिक पूर्णता के माध्यम से शारीरिक अमरता प्राप्त किए जाने की बात स्वीकार की जाती है ।

स्रोत विभिन्न पाठ्य पुस्तक

आगे क्रमशः जारी भाग 9में ..............

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