मान लीजिए कि आप ऐसी कंपनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सी.ई.ओ.) हैं, जो एक सरकारी विभाग के द्वारा प्रयुक्त विशेषीकृत इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बनाती है। आपने विभाग को उपस्कर की पूर्ति के लिए अपनी बोली पेश कर दी है। आपके ऑफर की गुणता और लागत दोनों आपके प्रतिस्पर्धियों से बेहतर हैं। इस पर भी संबन्धित अधिकारी टेंडर पास करने के लिए मोटी रिश्वत की मांग कर रहा है। ऑर्डर की प्राप्ति ने मिलने का अर्थ होगा उत्पादन रेखा का बन्द कर देना। यह आपके स्वयं के कैरियर को भी प्रभावित कर सकता है। फिर भी, मूल्य - सचेत व्यक्ति के रूप में आप रिश्वत नहीं देना चाहते हैं। रिश्वत देने और ऑर्डर प्राप्त कर लेने, तथा रिश्वत देने से इनकार करने और ऑर्डर को हाथ से निकल जाने-दोनों के लिए, वैध तर्क दिए जा सकते हैं। ये तर्क क्या हो सकते हैं? क्या इस धर्म संकट से बाहर निकलने का कोई बेहतर रास्ता हो सकता है? यदि हां, तो इस तीसरे रास्ते की अच्छाईयों की ओर इंगित करते हुए उसकी रूपरेखा प्रस्तुत कीजिए।
मान लीजिए कि आपके निकट मित्रों में से एक, जो स्वयं सिविल सेवा में जाने के लिए प्रयत्नशील है, वह लोक-सेवा में नैतिक आचरण से सम्बन्धित कुछ मुद्दो पर चर्चा करने के लिए आपके पास आता है। वह निम्म्नलिखित बिन्दुओं को उठाता हैः a) आज के समय में, जब अनैतिक वातावरण काफी फैला हुआ है, नैतिक सिद्धांतों से चिपके रहने के व्यक्तिगत प्रयास, व्यक्ति के कैरियर में अनेक समस्याएँ पैदा कर सकते हैं। ये परिवार के सदस्यों पर कष्ट करने और साथ ही साथ स्वयं के जीवन पर जोखिम का कारण भी बन सकते हैं। हम क्यों न व्यावहारिक बनें और न्यूनतम प्रतिरोध के रास्ते का अनुसरण करें, और जितना अच्छा हम कर सकें,उसे ही करके प्रसन्न रहें? b) जब इतने अधिक लोग गलत साधनों को अपना रहे हैं और तंत्र को भारी नुकसान पहुंचा रहे हैं, तब क्या फर्क पड़ेगा यदि केवल कुछ एक लोग ही नैतिकता की चेष्टा करें? वे अप्रभावी ही रहेंगे और निश्चित रूप से अन्ततः निराश हो जाएंगे। c) यदि हम नैतिक सोच-विचार के बारे में अधिक बतंगड़ बनाएंगे, तों क्या इससे देश की आर्थिक उन्न्ति में रूकावट नहीं आएगी? असलियत में, उच्च प्रतिस्पर्धा के वर्तमान युग में, हम विकास की दौड़ में पीछे छूट जाने को सहन नहीं कर सकते। d) यह तो समझ आता है कि भारी अनैतिक तौर-तरीकों में हमें फंसना नहीं चाहिए, लेकिन छोटे-मोटे उपहारों को स्वीकार करना और छोटी-मोटी तरफदारियां करना सभी के अभिप्रेरण में वृद्धि कर देता है। यह तंत्र को और भी अधिक सुचारू बना देता है। ऐसे तौर-तरीकों को अपनाने में गलत क्या है? उपरोक्त दृष्टिकोणों का समालोचनात्मक विश्लेषण कीजिए। इस विश्लेषण के आधार पर अपने मित्र को आपको क्या सलाह रहेगी?
आजकल समस्त विश्व में आर्थिक विकास पर अधिक जोर दिया जा रहा है। इसके साथ ही साथ, विकास के कारण पैदा होने वाले पर्यावरणीय क्षरण के सम्बंन्ध में चिन्ता भी बढ़ रही है। अनेकों बार, हमारे सामने विकसित कार्यकलापों और पर्यावरणीय गुणता के बीच सीध विरोध दिखाई पड़ता है। विकसित प्रक्रम को रोक देना या उसमें काट-छाँट कर देना भी साध्य नहीं है, और ना ही पर्यावरण के क्षरण को बढ़ने देना उचित है, क्योंकि यह तो हमारे सबके जीवन के लिए ही खतरा है। ऐसी कुछ रणनीतियों पर चर्चा कीजिए, जिनको इस द्वन्द्व का शमन करने के लिए अपनाया जा सकता हो और जो हमें धरणीय (सस्टेनेबल) विकास की ओर ले जा सकती हों।
आप उभरती हुई एक ऐसी सूचना तकनीकी कंपनी के कार्यकारी निदेशक हैं जो बाजार में नाम कमा रही है। कंपनी के नायककर्ता, क्रय-विक्रय दल के प्रमुख श्री A हैं। एक वर्ष की अल्पावधि में उन्होंने कंपनी के राजस्व को दुगुना करने में योगदान दिया है और कंपनी के शेयर को उच्च मूल्य वर्ग में स्थापित किया है, जिसके कारण आप उन्हें पदोन्नत करने पर विचार कर रहे हैं। परन्तु आपको कई स्रोतों से महिला सहयोगियों के प्रति उनके रवैये को, विशेषकर महिलाओं पर असंयत टिप्पणियां करने की आदत की, सूचना मिल रही है। इसके अतिरिक्त वह दल के अन्य सदस्यों, जिनमे महिलाएं भी सम्मिलित हैं, को नियमित रूप से अभद्र SMS भी भेजते हैं। एक दिन देर शाम श्री A के दल की एक सदस्या श्रीमती X आपके पास आती है जो बहुत परेशान दिखती है, और श्री A के सतत् दुराचरण की शिकायत करती है, जो उनके प्रति अवांछनीय प्रस्ताव रखते रहते हैं और अपने कक्ष में उन्हें अनुपयुक्त रूप से स्पर्श करने की चेष्टा तक की है। वह महिला अपना त्यागपत्र देकर कार्यालय से चली जाती है। a) आपके पास क्या-क्या विकल्प उपलब्ध है? b) इनमें से प्रत्येक विकल्प का मूल्यांकन कीजिए एवं जिस विकल्प को आप चुनते हैं, उसे चुनने के कारण दीजिए।
एक जन सूचना अधिकारी (PIO) को सूचना का अधिकार (RTI) अधिनियम के अंतर्गत एक आवेदन मिलता है। सूचना एकत्र करने के बाद उसे पता चलता है कि वह सूचना स्वयं उसी के द्वारा लिए गए कुछ निर्णयों से संबंधित है, जो पूर्णरूप से सही नहीं थे। इन निर्णयों में अन्य कर्मचारी भी सहभागी थे। सूचना प्रकट होने पर स्वयं उसके तथा उसके अन्य मित्रों के विरुद्ध अनुशासिक कार्यवाही हो सकती है, जिसमें दण्ड भी संभावित है। सूचना प्रकट न करने या आंशिक या छद्मावतरित सूचना उपलब्ध कराने पर कम दण्ड या दण्ड-मुक्ति भी मिल सकती है।। PIO अन्यथा एक ईमानदार व कर्तव्यनिष्ठ व्यक्ति है पर यह विशिष्ट निर्णय, जिसके सम्बंध में RTI आवेदन किया गया है, गलत निकला। वह अधिकारी आपके पास सलाह के लिए आया है। नीचे सुझावों के कुछ विकल्प दिए गए हैं। प्रत्येक विकल्प का गुण-दोष के आधार पर मूल्यांकन कीजिएः a) PIO इस मामले को अपने ज्येष्ठ अधिकारी को उसकी सलाह के लिए संदर्भित करे और कड़ाई से उसी के अनुसार कार्यवाही करे चाहे वह स्वयं उस सलाह से पूर्णतया सहमत न हो। b) PIO छुट्टी पर चला जाए और मामले को अपने उत्तराधिकारी (कार्यालय से) पर छोड़ दे या सूचना आवेदन को किसी अन्य PIO को स्थानान्तरण का निवेदन करे। c) PIO सच्चाई के साथ सूचना प्रकट करने व अपनी जीविका पर उसके प्रभाव पर मनन करके इस भांति उत्तर दे जिससे वह या उसकी जीविका पर जोखिम न आए पर साथ ही सूचना की अन्तर्वस्तु पर कुछ समझौता किया जा सकता है। d) PIO उन सहयोगियों, जो इस निर्णय को लेने में सहभागी थे, से परामर्श करे और उनकी सलाह के अनुरूप कार्यवाही करें। अनिवार्य रूप से केवल उपरोक्त विकल्पों तक सीमित न रखते हुए आप अपनी सलाह दीजिए और उसके उचित कारण भी बताइए।
आप नगर पालिका परिषद् के निर्माण विभाग में अधिशासी अभियंता पद पर तैनात है और वर्तमान में एक ऊपरगामी पुल (Flyover) के निर्माण-कार्य के प्रभारी है। आपके अधीन दो कनिष्ठ अभियंता है, जो प्रतिदिन के निर्माण-स्थल के निरीक्षण के लिए उत्तरदारी है तथा आपको विवरण देते हैं कि आप विभाग के अध्यक्ष, मुख्य अभियंता को रिपोर्ट देते हैं। निर्माण-कार्य पूर्ण होने को है और कनिष्ठ अभियंता नियमित रूप से यह सूचित करते रहे हैं कि निर्माण-कार्य परिकल्पना के विनिर्देशों के अनुरूप हो रहा है। लेकिन आपने अपने आकस्मिक निरीक्षण में कुछ गंभीर विसामान्यताएँ व कमियाँ पाई, जो आपके विवेकानुसार पुल की सुरक्षा को प्रभावित कर सकती है। इस स्तर पर इन कमियों को दूर करने में काफी निर्माण-कार्य को गिराना और दोबारा बनाना होगा जिससे ठेकेदार को निश्चित हानि होगी और कार्य समाप्ति में विलम्ब भी होगा। क्षेत्र में भारी ट्रैफिक जाम के कारण परिषद् पर निर्माण शीघ्र पूरा करने के लिए जनता का बड़ा दबाव है। जब आप स्थिति मुख्य अभियंता के संज्ञान में लाए, तो उन्हेांने अपने विवेकानुसार इसको बड़ा गंभीर दोष न मानकर इसे उपेक्षित करने की सलाह दी। उन्होंने परियोजना को समय में पूरा करने हेतु कार्य को आगे बढ़ाने के लिए कहा। परन्तु आप आश्वस्त हैं कि यह गंभीर प्रकरण है जिससे जनता की सुरक्षा प्रभावित हो सकती और इसको बिना ठीक कराए नहीं छोड़ा जा सकता। ऐसी स्थिति में आपके करने के लिए कुछ विकल्प निम्नलिखित हैं। इनमें से प्रत्येक विकल्प का गुण-दोष के आधार पर मूल्यांकन कर अन्ततः सुझाव दीजिए कि आप क्या कार्यवाही करना चाहेंगे और क्यों। (a) मुख्य अभियंता की सलाह मानकर आगे बढ़ जाएँ।
क्या नैतिकता एवं कर्त्तव्यपरायणता को शैक्षिक संस्थानों में लिखाया जा सकता है? इस संबंध में समुचित उदाहरण प्रस्तुत करते हुए समझाइए। साथ ही बताइए कि नैतिकता एवं कर्त्तव्यपरायणता मनुष्य के लिए क्यों महत्वपूर्ण हैं?